



बिहार पुलिस पुनर्गठन: बिहार की प्रशासनिक मशीनरी में एक बार फिर बदलाव की हवा चली है, जिससे खाकी वर्दीधारी अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र का नक्शा नए सिरे से खींचा गया है। नीतीश सरकार ने एक बड़े फैसले के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने राज्य के 11 जिलों में पदस्थापित ग्रामीण पुलिस अधीक्षकों (एसपी) के बीच अनुमंडल और थानों का बंटवारा कर दिया है। गृह विभाग ने इस संबंध में सम्राट चौधरी की मंजूरी के बाद आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस कदम से इन 11 जिलों के ग्रामीण एसपी के क्षेत्राधिकार का स्पष्ट निर्धारण हो गया है और उनके अधिकार भी साफ तौर पर परिभाषित किए गए हैं। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
राज्य सरकार ने 2022 में इन 11 जिलों में ग्रामीण एसपी का पद सृजित किया था। अब जारी अधिसूचना के अनुसार, ग्रामीण एसपी अपने निर्धारित क्षेत्र के अंतर्गत जांच, मुकदमों की समीक्षा और अपराध नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्य देखेंगे। हालांकि, किसी भी महत्वपूर्ण विषय पर उन्हें जिला एसपी को अवगत कराना अनिवार्य होगा।
इन ग्रामीण एसपी को अपने क्षेत्राधिकार में दारोगा, सिपाही और हवलदार को निलंबित करने का भी अधिकार दिया गया है। पुलिस लाइन के पदाधिकारियों के निलंबन के लिए उन्हें जिला एसपी से विमर्श करना होगा। यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
ग्रामीण एसपी के अधिकार क्षेत्र में बिहार पुलिस पुनर्गठन का असर
इस पुनर्गठन के बाद, विभिन्न जिलों के ग्रामीण एसपी के अधीन आने वाले अनुमंडल और थाने इस प्रकार हैं:
गया ग्रामीण एसपी: अब गया के ग्रामीण एसपी के कार्य क्षेत्र में नीमचक बथानी, टिकारी, इमामगंज, शेरघाटी–1 एवं शेरघाटी–2 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) और उनके अधीन आने वाले सभी थाने शामिल होंगे। कुल मिलाकर, करीब 33 थाने अब गया के ग्रामीण एसपी के क्षेत्राधिकार में आ गए हैं।
रोहतास ग्रामीण एसपी: रोहतास के ग्रामीण एसपी के अधीन मुख्यालय कोचस के एसडीपीओ–2, डिहरी एसडीपीओ–2 और विक्रमगंज एसडीपीओ के साथ उनके अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी 28 थाने रहेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुंगेर ग्रामीण एसपी: मुंगेर ग्रामीण एसपी के तहत मुंगेर सदर, तारापुर और हवेली खड़गपुर के एसडीपीओ और उनके अधीन आने वाले कुल 12 थाने आ गए हैं।
बेगूसराय ग्रामीण एसपी: बेगूसराय के ग्रामीण एसपी के अंतर्गत मंझौल, बखरी और बलिया के एसडीपीओ और उनके साथ जुड़े 11 थाने शामिल रहेंगे।
अन्य जिलों के ग्रामीण एसपी के अधीन आए थाने
भागलपुर ग्रामीण एसपी: भागलपुर के ग्रामीण एसपी के अंतर्गत कहलगांव–1, कहलगांव– 2 के एसडीपीओ और भागलपुर विधि–व्यवस्था डीएसपी और उनके अंतर्गत आने वाले 18 थाने शामिल किए गए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पूर्णिया ग्रामीण एसपी: पूर्णिया के ग्रामीण एसपी के अंतर्गत बायसी, बनमनखी और धमदाहा के एसडीपीओ और उनके अधीन आने वाले 18 थाने होंगे।
सहरसा ग्रामीण एसपी: सहरसा ग्रामीण एसपी के अंतर्गत सिमरी बख्तियारपुर एसडीपीओ और उनके अधीन के 9 थाने आएंगे।
दरभंगा ग्रामीण एसपी: दरभंगा ग्रामीण एसपी के तहत बेनीपुर, बिरौल एसडीपीओ एवं सदर के एसडीपीओ–2 और उनके तहत आने वाले 19 थाने शामिल किए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुजफ्फरपुर ग्रामीण एसपी: मुजफ्फरपुर ग्रामीण एसपी के अंदर मुजफ्फरपुर पूर्वी–1, पूर्वी–2 और सरैया एसडीपीओ के अलावा इनके अधीन आने वाले 24 थाने शामिल हैं।
सारण ग्रामीण एसपी: सारण के ग्रामीण एसपी के अधीन मढ़ौरा–1, मढ़ौरा–2 और सोनपुर के एसडीपीओ और उनके अधीन आने वाले 18 थाने आ गए हैं।
बेतिया ग्रामीण एसपी: बेतिया के ग्रामीण एसपी के तहत सदर–2 और नरकटियागंज एसडीपीओ तथा इनके अधीन आने वाले 21 थाने आ जाएंगे। यह पुनर्गठन राज्य में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

