

बिहार मौसम: अभी फागुन ने दस्तक भी ठीक से नहीं दी, लेकिन बिहार की धरती पर गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। होली की खुशबू फिजाओं में घुलने से पहले ही सूरज की तपिश महसूस होने लगी है। फरवरी का आधा महीना भी नहीं बीता और राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में तापमान मार्च-अप्रैल जैसा अनुभव करा रहा है। दिन में धूप इतनी तेज हो रही है कि दोपहर में घरों से निकलना मुश्किल सा लग रहा है।
अप्रत्याशित बिहार मौसम: फरवरी में ही क्यों झुलस रहा बिहार?
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पटना में पारा 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस समय के लिए सामान्य से काफी अधिक है। सुबह की हल्की ठंडक गायब हो चुकी है और दिन चढ़ते ही लू जैसी स्थिति महसूस होने लगती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जलवायु परिवर्तन का सीधा असर है, जिसके कारण मौसम चक्र में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। इस बढ़ते तापमान ने आम जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नदियों का जलस्तर भी इस समय सामान्य से कम है, जिससे आने वाले दिनों में कृषि और पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है। किसानों को अभी से सिंचाई को लेकर चिंता सताने लगी है। इस अप्रत्याशित रूप से बढ़ते तापमान को लेकर पर्यावरणविदों ने भी चिंता जताई है। ऐसे में समय से पहले गर्मी का यह प्रकोप चिंता का विषय बन गया है।
मौसम विभाग ने हालांकि अगले कुछ दिनों में तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव की संभावना जताई है, लेकिन कुल मिलाकर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गर्मी का मिजाज अभी भी सख्त रहने के आसार हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आगे कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल गर्मी का प्रकोप जल्दी शुरू हो गया है और इसके लंबे समय तक बने रहने की संभावना है। लोगों को अभी से धूप से बचाव के उपाय करने की सलाह दी जा रही है। पर्याप्त पानी पीना और दोपहर में बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। गर्मी की शुरुआत में ही ये स्थिति बताती है कि आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



