

Tej Pratap Yadav: बिहार की राजनीति में नया भूचाल
Tej Pratap Yadav: राजनीति का अखाड़ा जितना सीधा दिखता है, उससे कहीं ज्यादा गहरा और पेचीदा है, जहां दांव-पेंच और साजिशें हर कदम पर बिछी होती हैं। इसी कुरुक्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने अपने जीवन पर जानलेवा साजिशों का खुलासा किया है, यह बयान उन्होंने सांसद पप्पू यादव को मिली धमकी के सवाल पर दिया।
Tej Pratap Yadav: “मेरे खिलाफ भी होती रही हैं जानलेवा साजिशें”
तेज प्रताप यादव ने एक सार्वजनिक मंच से बड़ा बयान देते हुए कहा कि राजनीति में साजिशें लगातार चलती रहती हैं। उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि उनके खिलाफ भी पहले कई बार जानलेवा साजिशें रची जा चुकी हैं। यह चौंकाने वाली प्रतिक्रिया तब आई, जब उनसे सांसद पप्पू यादव को मिली जान से मारने की धमकी के मामले पर सवाल पूछे गए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राजनीतिक गलियारों में ऐसे राजनीतिक षड्यंत्र आम बात है और उन्हें इनसे जूझना पड़ता है।
राजद नेता ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह सब राजनीति का हिस्सा है और ऐसे हालात में सतर्क रहना बेहद जरूरी है। उन्होंने किसी विशेष घटना या व्यक्ति का नाम लिए बिना अपनी बात रखी, लेकिन उनके लहजे से यह साफ था कि उन्हें अतीत में ऐसे गंभीर अनुभवों से गुजरना पड़ा है। इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में एक नई बहस छिड़ गई है कि क्या नेताओं की सुरक्षा वाकई खतरे में है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पप्पू यादव को मिली धमकी पर तेज प्रताप का बयान
बिहार की सियासत में अक्सर इस तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगते रहते हैं। हालांकि, जब कोई बड़ा नेता सार्वजनिक तौर पर अपने जीवन पर खतरे की बात कहे, तो मामला गंभीर हो जाता है। उनके इस बयान को पप्पू यादव को मिली धमकी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि उन्हें लगता है कि ऐसे खतरे किसी भी राजनेता पर आ सकते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ हुई साजिशें कोई नई बात नहीं हैं। उन्होंने कहा, “राजनीति में ये सब होता रहता है, मेरे खिलाफ भी कई बार जानलेवा साजिशें की गई हैं।” उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। यह ऐसे समय में आया है जब जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक) के प्रमुख पप्पू यादव ने आरोप लगाया है कि उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही है। पप्पू यादव ने हाल ही में बताया था कि उन्हें कुछ अज्ञात लोगों द्वारा धमकी भरे कॉल और संदेश प्राप्त हुए हैं, जिसके बाद उन्होंने सुरक्षा की मांग की थी।
तेज प्रताप का यह बयान बिहार की राजनीति के उस स्याह पहलू को उजागर करता है, जहां सत्ता और वर्चस्व की लड़ाई में निजी दुश्मनी और राजनीतिक षड्यंत्र भी शामिल हो जाते हैं। उनके इस कथन से यह अंदाज़ा लगाया जा रहा है कि वे सिर्फ पप्पू यादव के मामले पर टिप्पणी नहीं कर रहे थे, बल्कि अपने अनुभवों को भी साझा कर रहे थे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयान चुनावी माहौल या किसी राजनीतिक उठापटक से पहले अक्सर देखने को मिलते हैं, जो सत्ताधारी और विपक्षी दोनों खेमों में हलचल पैदा करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आगे कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह के बयानों को गंभीरता से लेना चाहिए और उचित जांच करनी चाहिए ताकि लोकतंत्र में सभी नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यह बयान न केवल उनके समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना, बल्कि विपक्ष को भी सवाल उठाने का मौका दे दिया है कि क्या बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति वाकई इतनी चिंताजनक है।



