

Patna Traffic: शहर की धड़कनें जब सड़कों पर थमने लगें, तो विकास की राह में कोई अड़चन बर्दाश्त नहीं। पटना के अशोक राजपथ पर वर्षों से अटकी एक ऐसी ही गांठ अब खुलने वाली है।
Patna Traffic: अशोक राजपथ पर मिलेगी महाजाम से मुक्ति, मेट्रो कंपनी बनाएगी साइंस कॉलेज रैंप
पटना के अशोक राजपथ पर बने डबल डेकर फ्लाइओवर से शहर के एक बड़े हिस्से को ट्रैफिक जाम से राहत मिली है, लेकिन पटना साइंस कॉलेज के पास एक अधूरे रैंप ने वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा रखी थी। यह रैंप न बनने की वजह से एनआईटी मोड़ की ओर जाने वाले यात्रियों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब इस लंबित परियोजना को गति मिलने वाली है, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात सुविधा बेहतर होगी।
Patna Traffic: क्या थी समस्या और अब क्या होगा समाधान?
अशोक राजपथ पर बने इस महत्वाकांक्षी डबल डेकर फ्लाइओवर का उद्देश्य शहरी यातायात को सुगम बनाना था। हालांकि, साइंस कॉलेज के समीप रैंप के अधूरे रहने के कारण इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। यह अधूरा हिस्सा प्रतिदिन हजारों कम्यूटर्स के लिए सिरदर्द बना हुआ था। विशेष रूप से पीक आवर्स में यहां भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती थी, जो आस-पास के क्षेत्रों में भी यातायात को प्रभावित करती थी।
पटना मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (PMRCL) ने अब इस अधूरे रैंप के निर्माण का जिम्मा उठाया है। मेट्रो निर्माण कार्य के साथ ही इस रैंप को भी पूरा किया जाएगा, जिससे अशोक राजपथ पर वाहनों की आवाजाही निर्बाध हो सकेगी। यह कदम पटना के शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है, जो भविष्य की यातायात चुनौतियों से निपटने में सहायक होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस रैंप के पूरा होने से न केवल एनआईटी मोड़ जाने वाले लोगों को सीधा रास्ता मिलेगा, बल्कि अशोक राजपथ पर लगने वाले जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। यह पटना की लाइफलाइन कही जाने वाली इस सड़क पर सुगम यातायात सुनिश्चित करेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ इससे समय की बचत होगी और प्रदूषण के स्तर में भी कमी आने की उम्मीद है।
मेट्रो परियोजना और शहर की प्रगति
मेट्रो परियोजना पटना में व्यापक बदलाव ला रही है। जहां एक ओर मेट्रो का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है, वहीं दूसरी ओर ऐसे अधूरे इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को पूरा करने में भी मेट्रो कंपनियां अपनी भूमिका निभा रही हैं। यह साझेदारी शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और नागरिकों को बेहतर यातायात विकल्प प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उम्मीद है कि जल्द ही साइंस कॉलेज के पास यह रैंप बनकर तैयार हो जाएगा और पटना के लोगों को जाम से पूर्ण मुक्ति मिलेगी।





