

IPO: भारतीय प्राइमरी मार्केट में जल्द ही एक बड़ी हलचल देखने को मिलने वाली है, क्योंकि बाजार नियामक सेबी ने चार प्रमुख कंपनियों को उनके प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए हरी झंडी दे दी है। यह खबर उन निवेशकों के लिए उत्साहजनक है जो नए लिस्टिंग अवसरों की तलाश में हैं और देश की अर्थव्यवस्था में नई गति का इंतजार कर रहे हैं। जिन कंपनियों को यह महत्वपूर्ण मंजूरी मिली है, उनमें प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन, विरुपक्ष ऑर्गेनिक्स, हेक्सागन न्यूट्रिशन और ड्यूरोफ्लेक्स शामिल हैं। सेबी का यह कदम इन कंपनियों को पूंजी बाजार से धन जुटाने और अपनी विस्तार योजनाओं को गति देने का मार्ग प्रशस्त करता है।
भारतीय शेयर बाजार में हलचल: चार कंपनियों को मिला IPO का ग्रीन सिग्नल
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा किसी कंपनी के पब्लिक इश्यू को ‘ऑब्जर्वेशन’ मिलना उसकी आईपीओ यात्रा का एक निर्णायक पड़ाव होता है। यह दर्शाता है कि नियामक ने सभी आवश्यक दस्तावेज़ों की जांच कर ली है और अब कंपनी अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लॉन्च करने के लिए स्वतंत्र है। यह अनुमोदन भारतीय पूंजी बाजार की गहराई और कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास को भी दर्शाता है।
कंपनियों के आगामी IPO की विस्तृत जानकारी
ड्यूरोफ्लेक्स का आईपीओ:
गद्दों और बेडिंग उत्पादों के लिए जाना-माना नाम, ड्यूरोफ्लेक्स को सेबी से 12 फरवरी को मंजूरी मिली है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के माध्यम से नए शेयर जारी करेगी (फ्रेश इश्यू) और प्रमोटर तथा मौजूदा निवेशक अपने हिस्से के शेयर बेचेंगे (ऑफर फॉर सेल – OFS)। जानकारी के अनुसार, ड्यूरोफ्लेक्स 184 करोड़ रुपये तक के नए शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इसके अतिरिक्त, प्रमोटर और मौजूदा निवेशक OFS के तहत 2.25 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में लाएंगे। ड्यूरोफ्लेक्स न केवल गद्दे बनाती है, बल्कि फर्नीचर, तकिए और बेडिंग एक्सेसरीज़ जैसे उत्पादों में भी इसकी अच्छी पकड़ है, जो इसे होम फर्निशिंग सेगमेंट में एक मजबूत खिलाड़ी बनाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विरुपक्ष ऑर्गेनिक्स का आईपीओ:
फार्मा और रिसर्च क्षेत्र से जुड़ी कंपनी विरुपक्ष ऑर्गेनिक्स भी बाजार से पूंजी जुटाने की तैयारी में है। कंपनी का लक्ष्य आईपीओ के जरिए 740 करोड़ रुपये जुटाना है। विशेष बात यह है कि विरुपक्ष ऑर्गेनिक्स का यह इश्यू पूरी तरह से नए शेयरों का होगा, जिसका अर्थ है कि प्रमोटरों या मौजूदा निवेशकों द्वारा कोई भी शेयर OFS के माध्यम से बेचा नहीं जाएगा। यह कंपनी की विकास क्षमता में निवेशकों के विश्वास को मजबूत कर सकता है।
हेक्सागन न्यूट्रिशन का आईपीओ:
पोषण और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनी हेक्सागन न्यूट्रिशन को 10 फरवरी को सेबी से मंजूरी मिली थी। इसका प्रस्तावित आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) प्रकृति का होगा। इसका मतलब है कि कंपनी इस पेशकश के माध्यम से कोई नई पूंजी नहीं जुटाएगी, बल्कि मौजूदा प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। OFS के तहत, प्रमोटर अरुण पुरुषोत्तम केलकर, सुभाष पुरुषोत्तम केलकर, नूतन सुभाष केलकर और आदित्य केलकर मिलकर कुल 30,859,704 इक्विटी शेयर बेचेंगे। यह बिक्री कंपनी के शुरुआती निवेशकों को अपनी पूंजी निकालने का अवसर प्रदान करेगी।
प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन का आईपीओ:
प्रीमियर इंडस्ट्रियल कॉर्पोरेशन को भी 10 फरवरी को सेबी से ऑब्जर्वेशन लेटर मिल चुका है। यह कंपनी भी ड्यूरोफ्लेक्स की तरह फ्रेश इश्यू और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों के माध्यम से बाजार में प्रवेश करेगी। कंपनी की योजना कुल 2.79 करोड़ इक्विटी शेयर बाजार में लाने की है। इसमें से 2.25 करोड़ शेयर नए जारी किए जाएंगे, जबकि लगभग 54 लाख शेयर OFS के तहत ऑफलोड किए जाएंगे। यह कदम कंपनी को अपनी वित्तीय स्थिति मजबूत करने और भविष्य की विकास रणनीतियों को फंड करने में मदद करेगा।
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भारतीय पूंजी बाजार में बढ़ती सक्रियता
हाल के दिनों में भारतीय पूंजी बाजार में आईपीओ की बाढ़ देखी गई है, जो देश की अर्थव्यवस्था में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियों का लिस्टिंग के लिए आगे आना एक स्वस्थ वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। यह न केवल कंपनियों को विकास के लिए आवश्यक पूंजी प्रदान करता है, बल्कि निवेशकों को भी नई और रोमांचक कंपनियों में निवेश करने का अवसर देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन आगामी लिस्टिंग से भारतीय शेयर बाजार में और अधिक तरलता और गहराई आने की उम्मीद है, जिससे खुदरा और संस्थागत दोनों तरह के निवेशकों को लाभ मिलेगा।


