

Kendriya Vidyalaya: बिहार के शैक्षिक क्षितिज पर एक नई सुबह दस्तक दे रही है, जहां ज्ञान के प्रकाश से हर कोना जगमगा उठेगा। केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल राज्य के भविष्य को नया आकार देने जा रही है।
बिहार में Kendriya Vidyalaya की ‘शिक्षा क्रांति’: 19 नए संस्थान खुलने को मिली हरी झंडी
केंद्रीय विद्यालय: बिहार में शिक्षा विस्तार का नया अध्याय
बिहार की शिक्षा व्यवस्था में एक ऐतिहासिक बदलाव की नींव रखी जा रही है। केंद्र सरकार ने बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना के लिए 2135.85 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट स्वीकृत किया है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2026–27 से चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी, जिसका उद्देश्य राज्य के दूरदराज के क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन नए विद्यालयों के खुलने से हजारों छात्रों को सीधे लाभ मिलेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। यह कदम ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में शैक्षणिक सुविधाओं को मजबूत करेगा।
यह पहल राज्य के शैक्षणिक मानचित्र को बदलने की क्षमता रखती है। नए Kendriya Vidyalaya की स्थापना से न केवल छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि शिक्षकों के लिए भी नए अवसर सृजित होंगे। यह राज्य में समग्र शिक्षा विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों को शुरुआती स्तर से ही बेहतर शैक्षणिक माहौल मिले, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: [https://deshajtimes.com/news/national/](https://deshajtimes.com/news/national/)
ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा विशेष लाभ
इन 19 नए केंद्रीय विद्यालयों में से कई ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थापित किए जाएंगे, जहां गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती रही है। इस निर्णय से स्थानीय समुदायों के लिए यह एक बड़ी सौगात है, जिससे शिक्षा के प्रति रुझान बढ़ेगा और समाज के हर तबके को लाभ मिलेगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन विद्यालयों में आधुनिक सुविधाएं, योग्य शिक्षक और एक समान पाठ्यक्रम छात्रों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करेगा। यह दूरदर्शितापूर्ण कदम बिहार को शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वित्तीय आवंटन और भविष्य की योजनाएं
वित्तीय वर्ष 2026–27 से चरणबद्ध तरीके से जारी होने वाली 2135.85 करोड़ रुपये की यह राशि इन विद्यालयों के निर्माण, आधारभूत संरचना के विकास और अन्य आवश्यक सुविधाओं पर खर्च की जाएगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है, ताकि निर्माण कार्य समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार का मानना है कि इन विद्यालयों के खुलने से शिक्षा के क्षेत्र में क्षेत्रीय असमानता को कम करने में मदद मिलेगी और हर बच्चे को समान अवसर प्राप्त होगा। यह योजना बिहार में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।



