

Darbhanga News: सिलाई मशीन की ‘खट-पट’ से गूंजा गंगवारा, 24 महिलाओं के हुनर को मिली नई पहचान, अब लिखेंगी आत्मनिर्भरता की कहानी
Darbhanga News: सिलाई की सुई से सिर्फ कपड़े नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का ताना-बाना भी बुना जा रहा है। दरभंगा शहर के वार्ड संख्या 14 स्थित गंगवारा मोहल्ले में पिछले ढाई महीने से चल रही सिलाई मशीन की खट-पट शनिवार को एक नई उम्मीद की गूंज के साथ समाप्त हुई। स्वयंसेवी संस्था डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन द्वारा आयोजित निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में 24 महिलाओं के चेहरे पर अपने हुनर से भविष्य गढ़ने का आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।
Darbhanga News: ढाई महीने के प्रशिक्षण ने जगाई उम्मीद की किरण
इस शिविर का समापन एक भव्य कार्यक्रम के साथ किया गया, जहां इन सभी 24 प्रशिक्षु महिलाओं को उनके सफल प्रशिक्षण के लिए प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, समाजसेवी और आंगनवाड़ी सेविका सुषमा यादव ने अपने हाथों से महिलाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “सिलाई एक ऐसा बेहतरीन हुनर है जो महिलाओं को घर की चारदीवारी में रहकर भी आर्थिक रूप से मजबूत बनाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह केवल एक कला नहीं, बल्कि स्वरोजगार का एक सशक्त माध्यम है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के प्रशिक्षण सही मायनों में महिला सशक्तिकरण की नींव रखते हैं।
सुषमा यादव ने डॉ. प्रभात दास फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्था महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में एक सराहनीय कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जब एक महिला कमाना शुरू करती है, तो न केवल उसका, बल्कि पूरे परिवार का आत्मविश्वास बढ़ता है। घर-परिवार की जिम्मेदारियों को निभाते हुए भी महिलाएं अब अपनी आमदनी का जरिया बना सकती हैं।
स्वरोजगार से सशक्त होंगी महिलाएं
शिविर की प्रशिक्षिका शोभा देवी ने बताया कि इन ढाई महीनों में सभी 24 महिलाओं ने पूरी लगन और मेहनत से सिलाई की बारीकियां सीखी हैं। अब वे आत्मनिर्भर होकर अपना काम शुरू करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। कार्यक्रम का सफल संचालन फाउंडेशन के अनिल कुमार सिंह ने किया। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर महिलाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह शिविर उसी दिशा में एक छोटा सा कदम था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस मौके पर प्रशिक्षण पूरा करने वाली हीना प्रवीण, रौशनी कुमारी, सुनीता देवी, सोनम कुमारी, गुनगुन कुमारी, किरण कुमारी, कविता देवी, फातमा प्रवीण, नंदनी कुमारी, काजल कुमारी, किरण देवी, प्रीति कुमारी, और रिंकी कुमारी समेत अन्य कई महिलाएं मौजूद थीं। उनके चेहरों पर प्रमाणपत्र पाने की खुशी और भविष्य के लिए एक नई उम्मीद साफ नजर आ रही थी।




