

Patna NEET Student Death: सपनों की ऊंची उड़ान, और अचानक जिंदगी की डोर का टूट जाना। जब भविष्य की तैयारियां मौत के मुहाने पर पहुंच जाएं, तो सिर्फ घटना नहीं, व्यवस्था पर भी सवाल उठते हैं।
NEET छात्रा की संदिग्ध मौत: पटना NEET Student Death की गुत्थी सुलझाने CBI ने संभाली कमान, जानें नया मोड़!
Patna NEET Student Death: CBI की एंट्री से जांच में तेज़ी
पटना के एक गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत अब एक सामान्य जांच से कहीं आगे, एक गंभीर आपराधिक पड़ताल में बदल चुकी है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के हाथ में यह मामला आते ही, इसकी जांच की दिशा और गति दोनों में उल्लेखनीय परिवर्तन आया है। रविवार को केंद्रीय एजेंसी की विशेष टीम ने इस केस की जिम्मेदारी संभाल ली है, जिससे उन अभिभावकों और छात्रों में नई उम्मीद जगी है, जो इस रहस्यमय मौत के पीछे की सच्चाई जानने को उत्सुक हैं।
यह घटना तब सामने आई जब छात्रा का शव उसके हॉस्टल के कमरे से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, लेकिन छात्रा के परिजनों ने लगातार गहरी साजिश की आशंका जताई थी। उनके दबाव और लगातार उठ रही आवाजों के बाद ही इस संवेदनशील मामले को CBI को सौंपा गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब CBI की टीम हर छोटे से छोटे पहलू की गहनता से समीक्षा कर रही है।
CBI जांच का पहला कदम मृत छात्रा के हॉस्टल के कमरे और घटना स्थल का बारीकी से मुआयना करना था। टीम ने न सिर्फ कमरा सील किया, बल्कि वहां मौजूद सभी संदिग्ध वस्तुओं और सबूतों को फॉरेंसिक जांच के लिए भी एकत्र किया। हॉस्टल के कर्मचारियों, अन्य छात्राओं और मृतका के दोस्तों से भी पूछताछ का सिलसिला शुरू हो गया है। इस CBI जांच का मुख्य उद्देश्य घटना के सही समय, परिस्थितियों और किसी भी संभावित साजिशकर्ता का पता लगाना है।
देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस की शुरुआती जांच पर उठे सवाल
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में जिस तरह से जांच की थी, उस पर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने जल्दबाजी में इसे आत्महत्या का मामला करार दे दिया और कई अहम सबूतों को नजरअंदाज किया। अब CBI इन सभी पहलुओं की पुनर्जांच कर रही है, जिसमें स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज किए गए बयानों, एकत्र किए गए सबूतों और घटना के समय मौजूद व्यक्तियों की भूमिका पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, CBI की टीम ने एक विशेष रणनीति तैयार की है। इसमें मनोवैज्ञानिकों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है, ताकि छात्रा की मानसिक स्थिति और घटना से पहले के उसके व्यवहार को समझा जा सके। हॉस्टल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और डिजिटल रिकॉर्ड्स की भी जांच हो रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह जांच सिर्फ एक छात्र की मौत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन सभी छात्रावासों और शिक्षण संस्थानों के लिए भी एक सबक है, जहां छात्रों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य अक्सर अनदेखी का शिकार होते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जांच एजेंसी ने अभी तक किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन उम्मीद है कि जल्द ही इस गुत्थी से पर्दा उठ जाएगा।





