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फ़रवरी, 15, 2026
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Chirag Paswan Darbhanga Visit: केंद्रीय मंत्री चिराग का दरभंगा दौरा…हरिनगर कांड के पीड़ित और घायल दिलों को मरहम… पढ़िए ‘तुम्हारा बड़ा भाई खड़ा है’

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Chirag Paswan Darbhanga Visit: जीवन की बिसात पर जब न्याय की गुहार उठती है, तब उम्मीदों का दामन थामे राजनेता का पहुंचना घायल दिलों को मरहम दे जाता है। इसी कड़ी में, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने दरभंगा में अस्पताल पहुंचकर, हरिनगर कांड के पीड़ितों को सांत्वना दी और उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

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Chirag Paswan Darbhanga Visit: केंद्रीय मंत्री चिराग का दरभंगा दौरा...हरिनगर कांड के पीड़ित और घायल दिलों को मरहम... पढ़िए 'तुम्हारा बड़ा भाई खड़ा है'

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Chirag Paswan Darbhanga Visit: जब संवेदनाओं का सैलाब आरोपों की दीवार तोड़ता है, तब राजनीति की सरजमीं पर मानवीयता की एक नई इबारत लिखी जाती है। हरिनगर कांड के घायलों से मिलने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ितों के दर्द पर मरहम लगाया।

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Chirag Paswan Darbhanga Visit: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का दरभंगा दौरा, हरिनगर कांड के पीड़ितों से मिले, बेहतर इलाज के निर्देश

Chirag Paswan Darbhanga Visit: घायलों से मिले चिराग, दिया हरसंभव मदद का भरोसा

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान रविवार को कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर कांड में घायल हुए लोगों से मिलने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डीएमसीएच के सर्जरी विभाग में भर्ती जख्मियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। पासवान ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए इलाजरत विक्रम पासवान (40) और उनकी 12 वर्षीय पुत्री कोमल कुमारी सहित अन्य घायलों से बातचीत की।

Chirag Paswan Darbhanga Visit: केंद्रीय मंत्री चिराग का दरभंगा दौरा...हरिनगर कांड के पीड़ित और घायल दिलों को मरहम... पढ़िए 'तुम्हारा बड़ा भाई खड़ा है'

इस दौरान, केंद्रीय मंत्री ने संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जख्मियों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक सभी घायल पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जानी चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दौरे में चिराग पासवान के साथ सांसद शांभवी चौधरी और अन्य नेता भी मौजूद थे, जिन्होंने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। केंद्रीय मंत्री के अस्पताल पहुंचने से जख्मियों और उनके परिजनों में उम्मीद की एक नई किरण जगी है कि उन्हें न्याय के साथ-साथ हर स्तर पर सहायता भी मिलेगी।

भावुक बच्ची को चिराग ने बंधाया ढांढस

अस्पताल में अपने दौरे के दौरान चिराग पासवान का सामना एक मार्मिक क्षण से हुआ। मारपीट में घायल हुई 13 साल की कोमल कुमारी उन्हें अपने सामने देखकर फफक-फफक कर रो पड़ी। उसने रोते हुए चिराग से न्याय की गुहार लगाई। बच्ची की आंखों में आंसू देखकर चिराग भी भावुक हो गए। उन्होंने बच्ची के सिर पर हाथ फेरते हुए उसे ढांढस बंधाया और कहा, “आपका यह बड़ा भाई हमेशा आपके साथ खड़ा है। आपको न्याय जरूर मिलेगा। अब आप हिम्मत रखिए, घर जाइए, सारी व्यवस्था कर दी जाएगी।” देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। चिराग के इस आश्वासन के बाद बच्ची और उसके परिवार वालों को थोड़ी हिम्मत मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त संवेदनशील मुद्दों को सतह पर ला दिया है।

क्या है हरिनगर कांड: एक मजदूर विवाद की भयावह परिणति

दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र का हरिनगर गांव इन दिनों एक भयावह घटना के कारण चर्चा में है। यह विवाद मूल रूप से मजदूरी के बकाया भुगतान से शुरू हुआ, जिसने बाद में हिंसक और जातीय तनाव का रूप ले लिया। हरिनगर घटना की जड़ें मजदूरी के बकाया भुगतान से जुड़ी हैं, जिसमें हरिनगर गांव के हेमंत झा और उनके यहां काम करने वाले विक्रम पासवान के बीच वर्षों से करीब ₹47 हजार से ₹2.5 लाख तक की मजदूरी का विवाद चल रहा था।

Chirag Paswan Darbhanga Visit: केंद्रीय मंत्री चिराग का दरभंगा दौरा...हरिनगर कांड के पीड़ित और घायल दिलों को मरहम... पढ़िए 'तुम्हारा बड़ा भाई खड़ा है'

मामले को सुलझाने के लिए 30 जनवरी 2026 को एक पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन सहमति बनने के बजाय विवाद और बढ़ गया। इसका परिणाम अगले दिन एक हिंसक झड़प के रूप में सामने आया, जिससे गांव में तनाव फैल गया।मंत्री पासवान ने इलाजरत विक्रम पासवान (40) और उनकी 12 वर्षीय पुत्री कोमल कुमारी सहित अन्य घायलों से संवेदना व्यक्त की। इस दौरान, उन्होंने संबंधित चिकित्सकों और अस्पताल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जख्मियों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए। चिराग पासवान ने जोर देते हुए कहा कि जब तक सभी घायल पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जाते, तब तक किसी को भी अस्पताल से छुट्टी नहीं दी जानी चाहिए। इस मानवीय पहल के साथ ही आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।केंद्रीय मंत्री के साथ सांसद शांभवी चौधरी और अन्य नेता भी उपस्थित रहे। इन सभी ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही, घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर पीड़ितों को उचित न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया गया। मंत्री के अस्पताल पहुंचने से जख्मियों और उनके परिजनों में न्याय और सहायता मिलने की उम्मीद जगी है।दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र का हरिनगर गांव इन दिनों मजदूरी विवाद और उसके बाद हुई हिंसक घटना को लेकर चर्चा में है। यह विवाद मजदूरी के बकाया भुगतान से शुरू हुआ था, जिसने बाद में हिंसक और जातीय तनाव का रूप ले लिया।

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हरिनगर कांड की जड़ें: मजदूरी विवाद से जातीय हिंसा तक

इस कांड की जड़ मजदूरी विवाद के बकाया भुगतान से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि हरिनगर गांव के हेमंत झा और उनके यहां काम करने वाले विक्रम पासवान के बीच करीब ₹47 हजार से ₹2.5 लाख तक की मजदूरी को लेकर कई वर्षों से विवाद चला आ रहा था। 30 जनवरी 2026 को इस विवाद को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई, लेकिन सहमति बनने के बजाय विवाद और गहरा गया।शिकायत के मुताबिक, 31 जनवरी को एक पक्ष के लोगों ने दलित बस्ती (पासवान टोला) पर हमला कर दिया। इस दौरान महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। गंभीर रूप से जख्मी 8 लोगों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने 70 नामजद और लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले में SC/ST एक्ट भी लगाया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी नामजद आरोपी एक ही समुदाय से बताए जा रहे हैं, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंनामजद होने और गिरफ्तारी के डर से गांव के अधिकांश पुरुष अपने घरों को छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। गांव में सन्नाटा पसरा है और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठ रहा है कि क्या SC/ST एक्ट का दुरुपयोग कर पूरे समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है? हालांकि, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है, और निर्दोषों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस बीच, प्रशासन की ओर से अस्पताल में भर्ती 8 पीड़ित परिवारों को कुल लगभग ₹6.64 लाख की सहायता राशि के चेक सौंपे गए हैं, जो राहत पहुंचाने का एक प्रयास है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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हिंसा और कानूनी कार्रवाई: दलित बस्ती पर हमले के बाद तनाव

आरोप है कि 31 जनवरी को एक पक्ष के लोगों ने दलित बस्ती (पासवान टोला) पर हमला कर दिया। इस दौरान महिलाएं और बच्चे समेत कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। कुल 8 गंभीर रूप से घायल लोगों को दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 70 नामजद और लगभग 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST एक्ट) भी लगाया गया है। सभी नामजद आरोपी एक ही समुदाय से बताए जा रहे हैं, जिसने इस संवेदनशील हरिनगर घटना को और गहरा कर दिया है।नामजद होने और गिरफ्तारी के डर से गांव के अधिकांश पुरुष अपने घरों को छोड़कर फरार हो गए हैं, जिसके कारण गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

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कानून के दायरे में न्याय: SC/ST एक्ट और पुलिस की भूमिका

सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या SC/ST एक्ट का दुरुपयोग कर पूरे समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे वीडियो फुटेज और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई कर रहे हैं और निर्दोष लोगों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है।

प्रशासन की राहत: पीड़ितों को मिली आर्थिक सहायता

इस दुखद घटना के बाद, प्रशासन की ओर से राहत कार्य भी शुरू कर दिए गए हैं। अस्पताल में भर्ती 8 पीड़ित परिवारों को कुल लगभग ₹6.64 लाख की सहायता राशि के चेक सौंपे गए हैं। यह सहायता राशि पीड़ितों को उनके इलाज और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी, जिससे उन्हें इस कठिन समय से उबरने में कुछ सहारा मिल सके।

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