

Bhagalpur News: जैसे सुबह की पहली किरण अंधकार को चीर देती है, वैसे ही एक सीटी की आवाज भागलपुर के वार्ड 50 में गंदगी के आलम को मिटा रही है। यह कहानी किसी अफसर की नहीं, बल्कि एक साधारण सफाई कर्मी खुशबू कुमारी की है, जिनकी लगन ने स्वच्छता को एक नई परिभाषा दी है।
भागलपुर शहर के वार्ड नंबर 50 की गलियों में हर सुबह एक खास धुन गूंजती है – यह धुन है खुशबू कुमारी की सीटी की। यह सीटी कोई साधारण संकेत नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति एक सामूहिक जिम्मेदारी का आह्वान है। जैसे ही खुशबू अपनी सीटी बजाती हैं, वार्ड की महिलाएं और निवासी अपने घरों से कूड़ा लेकर बाहर निकल आते हैं और सीधे उनकी गाड़ी में डाल देते हैं। इस अनोखी पहल ने न केवल कचरा प्रबंधन को आसान बनाया है, बल्कि लोगों में समय और सफाई के प्रति जागरूकता भी पैदा की है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, खुशबू के आने से पहले वार्ड में सफाई की स्थिति उतनी बेहतर नहीं थी। लेकिन जब से उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली है, तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। लोग अब खुशबू की सीटी का इंतजार करते हैं। यह एक ऐसी आदत बन चुकी है, जिससे वार्ड में कहीं भी गंदगी जमा नहीं होती और पूरा माहौल साफ-सुथरा रहता है। यह पहल केंद्र सरकार के महत्वाकांक्षी स्वच्छता अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।
Bhagalpur News: जब केवल नौकरी नहीं, जुनून बन जाए काम
खुशबू कुमारी अपने काम को सिर्फ एक नौकरी नहीं मानतीं, बल्कि इसे समाज सेवा का एक माध्यम समझती हैं। उन्होंने बताया कि जब वह अपने वार्ड को साफ-सुथरा देखती हैं, तो उन्हें आत्मिक शांति और संतोष का अनुभव होता है। उन्होंने इस अवसर के लिए नगर निगम भागलपुर का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस जिम्मेदारी ने उन्हें समाज के लिए कुछ अच्छा करने का मौका दिया है। उनका सेवा भाव और समर्पण अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वार्ड की महिलाओं का कहना है कि खुशबू की मेहनत और लगन देखकर वे भी प्रेरित होती हैं। वे मानती हैं कि अगर हर सफाई कर्मी इतनी ही निष्ठा से अपना कर्तव्य निभाए और नागरिक भी पूरा सहयोग करें, तो भागलपुर को बिहार के सबसे स्वच्छ शहरों में से एक बनने से कोई नहीं रोक सकता। यह सामूहिक प्रयास ही एक बड़े बदलाव की नींव रखता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्वच्छता की एक मिसाल
खुशबू कुमारी की यह कहानी सिर्फ एक वार्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए एक शक्तिशाली संदेश है। यह हमें सिखाती है कि स्वच्छता केवल सरकारी योजनाओं या प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक व्यक्तिगत और सामूहिक कर्तव्य है। एक अकेली सीटी की आवाज ने अगर एक पूरे वार्ड की तस्वीर बदल दी, तो सोचिए अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे तो हमारा शहर और देश कितना सुंदर और स्वच्छ हो सकता है। यह दिखाता है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े और सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।



