

Bhagalpur News: पटना कांड के बाद जागा प्रशासन, Bihar News में गर्ल्स हॉस्टल के लिए बने सख्त नियम, अब इन निर्देशों का पालन अनिवार्य
Bihar News: एक चिंगारी अक्सर पूरे जंगल को सचेत कर देती है, और पटना में छात्रा के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने अब पूरे बिहार के प्रशासनिक महकमे को नींद से जगा दिया है। छात्राओं की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच, गृह मंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर पूरे राज्य में गर्ल्स हॉस्टल के लिए नई और सख्त नियमावली तैयार की गई है, जिसकी गूंज अब भागलपुर तक पहुंच चुकी है।
पटना के बाद बिहार में शिक्षा का एक बड़ा केंद्र होने के नाते भागलपुर में छात्राओं के हॉस्टल की संख्या सबसे अधिक है। इसी को ध्यान में रखते हुए, शहर के एसएसपी, सिटी एसपी और डीएसपी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने हॉस्टल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का एकमात्र उद्देश्य नई नियमावली को सख्ती से लागू करवाना था ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को खत्म किया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रा सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाए।
भागलपुर शिक्षा का बड़ा हब होने के कारण सबसे ज्यादा गर्ल्स हॉस्टल है इसको लेकर आज एसएसपी ,सिटी एसपी, डीएसपी व अधिकारियों ने नियमावली को लेकर हॉस्टल के संचालकों से बातचीत की प्रशासन ने संचालकों को गर्ल्स हॉस्टल में सीसीटीवी सुविधा मजबूत करने, लड़को के एंट्री पर बैन लगाने, वार्डन की 24 घण्टे मौजूदगी , एंट्री रजिस्टर ,बायोमेट्रिक को लेकर बातचीत की है वहीं उन्होंने हॉस्टल के रजिस्ट्रेशन को लेकर भी हर साल रिन्युअल की बात की शाम में छात्राओ के हॉस्टल में एंट्री को लेकर होस्टल और कोचिंग के अनुसार छात्राओ के टाइमिंग को तैयार करने का आदेश दिया है सिटी एसपी ने संचालकों से हर हाल में नियमा वली के पालन का आदेश दिया है वहीं हॉस्टल संचालकों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है संचालकों ने कहा कि पहले से भी कुछ नियम है और कुछ अब जोड़े गए है यह छात्राओं की सुरक्षा के लिए अहम है।
Bihar News: गर्ल्स हॉस्टल के लिए जारी हुए ये कड़े दिशा-निर्देश
अधिकारियों ने हॉस्टल संचालकों को नए नियमों की जानकारी देते हुए उनके पालन को अनिवार्य बताया। ये नियम न केवल हॉस्टल के बुनियादी ढांचे से जुड़े हैं, बल्कि छात्राओं की हर गतिविधि पर भी नजर रखने के लिए बनाए गए हैं। प्रशासन द्वारा जारी किए गए प्रमुख निर्देश इस प्रकार हैं:
- सीसीटीवी की निगरानी: हर हॉस्टल में प्रवेश और निकास द्वार समेत सभी महत्वपूर्ण जगहों पर हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
- पुरुषों का प्रवेश वर्जित: हॉस्टल परिसर में लड़कों या किसी भी बाहरी पुरुष का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा।
- 24×7 वार्डन की मौजूदगी: हर हॉस्टल में चौबीसों घंटे एक महिला वार्डन की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी।
- रजिस्टर और बायोमेट्रिक: हॉस्टल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति का रिकॉर्ड एक एंट्री रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा और साथ ही बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली भी लागू की जाएगी।
- वार्षिक रजिस्ट्रेशन रिन्युअल: सभी हॉस्टल संचालकों को हर साल अपने रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण करवाना होगा।
इसके अलावा, शाम के समय छात्राओं के हॉस्टल में प्रवेश को लेकर भी विशेष नियम बनाए गए हैं। अधिकारियों ने निर्देश दिया कि कोचिंग संस्थानों के समय के अनुसार ही छात्राओं के लिए हॉस्टल में लौटने का समय निर्धारित किया जाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
संचालकों ने किया फैसले का स्वागत
प्रशासन के इस सख्त रवैये का हॉस्टल संचालकों ने स्वागत किया है। बैठक में मौजूद कई संचालकों ने कहा कि इनमें से कुछ नियम पहले से भी लागू थे, लेकिन अब जो नए नियम जोड़े गए हैं, वे वाकई छात्राओं की सुरक्षा के लिए बेहद अहम हैं। उन्होंने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि वे सभी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह से पालन करेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संचालकों का मानना है कि इन नियमों से न केवल छात्राएं सुरक्षित महसूस करेंगी, बल्कि बाहर से पढ़ने आने वाली लड़कियों के अभिभावक भी निश्चिंत रहेंगे।




