

Bihar News: शनिवार की रात कुशेश्वरस्थान के लिए काल बनकर आई, जब आग की लपटों ने पांच परिवारों की खुशियों को पल भर में राख के ढेर में बदल दिया। दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान अंचल क्षेत्र के चातर गांव में हुई इस घटना ने सबको दहला दिया है, जहां देर रात पांच घर जलकर स्वाहा हो गए।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा शनिवार देर रात करीब 11.30 बजे हुआ। मो. इसराइल के परिवार के सदस्य आंगन में अलाव जलाकर सर्दी से राहत पाने के बाद सोने के लिए चले गए थे। लेकिन शायद उन्हें इस बात का अंदेशा नहीं था कि यही अलाव उनके आशियाने के लिए खतरा बन जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देर रात अलाव से निकली एक चिंगारी ने पहले मो. इसराइल के घर को अपनी चपेट में लिया और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।

Bihar News: अलाव की चिंगारी ने मचाई तबाही
आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उसने पड़ोस के चार अन्य घरों को भी अपनी आगोश में ले लिया। इस भीषण अगलगी की घटना में मो. हैदर, मो. सुल्तान, मो. अशराफ और मो. निशाबुल के घर भी जलकर राख हो गए। इस हादसे के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अपनी जान बचाने और सामान निकालने की जद्दोजहद में दो महिलाएं आंशिक रूप से झुलस गईं। वहीं, घर में बंधी छह बकरियों की आग में जलकर दर्दनाक मौत हो गई।
पीड़ित परिवारों का सब कुछ तबाह हो गया है। घर में रखे अनाज, कपड़े, कीमती जेवरात, और जरूरी कागजात समेत लाखों की संपत्ति मिनटों में जलकर खाक हो गई। पीड़ितों का रो-रोकर बुरा हाल है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
ग्रामीणों ने दिखाई हिम्मत, सरकारी मदद का इंतजार
जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस समय गांव के डिहवार स्थान पर नवाह यज्ञ का आयोजन चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। जैसे ही लोगों ने आग की ऊंची लपटें देखीं, वे यज्ञ छोड़कर घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया, वरना नुकसान और भी बड़ा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय मुखिया विमल चंद्र खां मौके पर पहुंचे और उन्होंने तत्काल सहायता के तौर पर सभी पीड़ित परिवारों को 500-500 रुपये की आर्थिक मदद दी। वहीं, अंचल अधिकारी राकेश सिंह यादव ने कहा है कि क्षति की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और रिपोर्ट मिलने के बाद सभी पीड़ितों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। फिलहाल पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं और सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




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