

Bhagalpur News: जब आस्था का सैलाब उमड़ता है तो सरहदें और वर्दियां भी सिर झुका लेती हैं। कुछ ऐसा ही नज़ारा भागलपुर में देखने को मिला, जहां खाकी वर्दी पर भी शिवभक्ति का रंग चढ़ा और पूरा पुलिस लाइन परिसर ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भागलपुर पुलिस लाइन में भक्ति और श्रद्धा का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जहां पुलिस अधिकारियों से लेकर आम श्रद्धालुओं तक सभी ने एक साथ मिलकर भगवान भोलेनाथ की आराधना की।
रविवार को आयोजित इस विशेष पूजा-अर्चना कार्यक्रम में भागलपुर पुलिस लाइन के डीएसपी मिथिलेश कुमार जायसवाल ने मुख्य यजमान के रूप में विधि-विधान के साथ भगवान शिव का पूजन किया। इस दौरान बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष निराला कुमार, उपाध्यक्ष शंकर कुमार, मंत्री बलजीत कुमार और संयुक्त मंत्री विकास कुमार समेत कई अन्य पुलिस पदाधिकारी भी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन अधिकारियों ने भी पूरी श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
Bhagalpur News: डीएसपी मिथिलेश जायसवाल ने की विधि-विधान से पूजा
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण डीएसपी मिथिलेश कुमार जायसवाल द्वारा किया गया रुद्राभिषेक रहा। उन्होंने पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और भगवान शिव से समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने की प्रार्थना की। इस महाशिवरात्रि पर्व के आयोजन ने पुलिसकर्मियों के व्यस्त और तनावपूर्ण जीवन में एक आध्यात्मिक शांति का संचार किया। पूजा के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय हो गया और शिव के जयकारों से वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर पुलिस लाइन में सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन की ओर से सुनिश्चित किया गया कि यह धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
श्रद्धा और भक्ति में डूबे श्रद्धालु
इस आयोजन में सिर्फ पुलिसकर्मी ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और आस-पास के आम नागरिक भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी के चेहरों पर भगवान भोलेनाथ के प्रति गहरी आस्था और भक्ति का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था। इस कार्यक्रम ने पुलिस और जनता के बीच एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण संबंध का संदेश भी दिया, जहां धर्म की डोर ने सभी को एक साथ बांध दिया। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि सामाजिक एकता का भी एक प्रतीक बन गया।



