

Gaya-Patna Road: दशकों से जिस समस्या ने यात्रियों की साँसों को अटका रखा था, अब उसके समाधान की घड़ी आ गई है। उम्मीदों का ‘पुल’ बनने को तैयार है, जो सिर्फ दूरी ही नहीं, बल्कि परेशानियों का फासला भी कम करेगा।
Gaya-Patna Road पर जाम से मिलेगी मुक्ति, इसी महीने शुरू होगा काम
बागेश्वरी गुमटी पर प्रस्तावित रेल ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य इसी महीने शुरू होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित इस परियोजना का भूमि पूजन 22 फरवरी को संपन्न होगा, जिसके साथ ही गया और पटना के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों को यातायात जाम से स्थायी राहत मिलने की राह खुल जाएगी। लगभग 100 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाला यह रेल ओवरब्रिज क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। यह जानकारी आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वर्तमान में, बागेश्वरी गुमटी पर अक्सर लगने वाला भारी जाम यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। घंटों तक वाहनों का फंसा रहना न केवल समय की बर्बादी का कारण बनता है, बल्कि ईंधन की खपत और प्रदूषण को भी बढ़ाता है। नए रेल ओवरब्रिज के निर्माण से इन सभी समस्याओं का समाधान होगा और लोग बिना किसी रुकावट के अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे।
निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर भूमि अधिग्रहण और अन्य औपचारिकताएं भी अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों का कहना है कि परियोजना को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके।
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परियोजना से मिलेगा आर्थिक विकास को बढ़ावा
यह सिर्फ एक पुल नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी गति देने वाला एक महत्वपूर्ण ढाँचा होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, वाणिज्य और कृषि उत्पादों की ढुलाई में सुगमता आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को सीधा फायदा मिलेगा। इसके साथ ही, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि गया एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है। निर्माण कार्य शुरू होने की खबर से स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल है। वे लंबे समय से इस परियोजना का इंतजार कर रहे थे। उम्मीद है कि यह परियोजना समय पर पूरी होकर क्षेत्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। परियोजना का सुचारु क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग लगातार निगरानी बनाए हुए है। यह एक ऐसा कदम है जो बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक नई कहानी लिखेगा।




