

Mahashivratri 2024: कुशेश्वरस्थान में टूटा आस्था का सैलाब, हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा मिथिला का देवघर
Mahashivratri 2026: आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि प्रशासनिक अनुमानों के बांध टूट गए, मिथिला के देवघर शिवनगरी कुशेश्वरस्थान में महाशिवरात्रि पर जनसमूह का सागर हिलोरें मारने लगा।
Mahashivratri 2024 पर सुबह 4 बजे से शुरू हुआ जलाभिषेक
महाशिवरात्रि के महापर्व पर इस वर्ष कुशेश्वरस्थान में श्रद्धालुओं की इतनी भारी भीड़ उमड़ी कि प्रशासन द्वारा किए गए सारे अनुमान छोटे पड़ गए। भोलेनाथ के जलाभिषेक का सिलसिला ब्रह्म मुहूर्त में सुबह चार बजे ही प्रारंभ हो गया, जो दोपहर के विश्राम के बाद एक बार फिर शुरू होकर शाम छह बजे तक लगातार चलता रहा।
मंदिर परिसर से लेकर आसपास के इलाकों तक, हर ओर केवल भक्तों के सिर ही नजर आ रहे थे। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की कतारें करीब एक किलोमीटर तक लंबी थीं, जो धीमी गति से बाबा धाम की ओर बढ़ रही थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए पहले से ही चाक-चौबंद व्यवस्था कर रखी थी। किसी भी तरह के ट्रैफिक जाम से बचने के लिए, मंदिर क्षेत्र से लगभग तीन किलोमीटर पहले ही बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। वाहनों के लिए अलग से पार्किंग की व्यवस्था की गई थी, जहाँ से भक्तगण पैदल या छोटे वाहनों के माध्यम से मंदिर तक पहुंच रहे थे।
चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
भीड़ को अनुशासित और नियंत्रित रखने के लिए कुल बारह अलग-अलग स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बलों की तैनाती की गई थी। मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और मुख्य मार्गों पर सुरक्षाकर्मी पूरी मुस्तैदी से तैनात थे। पूरे मेला क्षेत्र की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाया गया था, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके। प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आया।
लाउडस्पीकर के माध्यम से लगातार श्रद्धालुओं को सुरक्षा संबंधी निर्देश दिए जा रहे थे, जिसमें धक्का-मुक्की से बचने और कतार में शांति बनाए रखने की अपील शामिल थी। शाम के धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला में सात बजे भव्य महाआरती का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद रात आठ बजे महादेव की पारंपरिक शिव बारात निकलेगी। इस शिव बारात को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह है। रात दस बजे विशेष श्रृंगार पूजा के साथ अनुष्ठान संपन्न होंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
एसडीओ और एसडीपीओ ने संभाला मोर्चा
पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गुंजायमान था, जिससे भक्ति और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। दूर-दराज से आए भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ बाबा का जलाभिषेक कर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भारी भीड़ को देखते हुए न्यास समिति के अध्यक्ष सह एसडीओ शशांक राज और उपाध्यक्ष सह एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने स्वयं मंदिर और गर्भगृह की कमान संभाले रखी। प्रशासनिक सतर्कता और बेहतरीन प्रबंधन के कारण ही इतनी बड़ी भीड़ के बावजूद व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। जानकारी के अनुसार, अगले दिन होने वाले जलढरी कार्यक्रम के लिए भी तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।





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