

Bihar Tourism Policy: बिहार की धरती, जहां इतिहास की हर परत में एक कहानी छिपी है, अब अपनी रंगत बदलने को तैयार है। आने वाले पर्यटन सीजन और महाकुंभ व बोधगया जैसे वैश्विक धार्मिक स्थलों पर बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए, राज्य सरकार ने पर्यटन ढांचे को मजबूत करने की अपनी रणनीति को एक बार फिर से धार दी है।
बिहार टूरिज्म पॉलिसी: धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया पंख, नीतीश सरकार का बड़ा कदम
Bihar Tourism Policy: पर्यटन विकास की नई रणनीति
Bihar Tourism Policy: बिहार की नीतीश सरकार ने राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और सैलानियों को बेहतर सुविधाएँ प्रदान करने के लिए कमर कस ली है। हाल ही में हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए थे, जिन्हें अब ज़मीनी स्तर पर उतारने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल पर्यटकों की संख्या में वृद्धि करना है बल्कि उन्हें एक यादगार अनुभव भी देना है। पर्यटन विकास की इस पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी और रोज़गार के नए अवसर सृजित होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
धार्मिक स्थलों का कायाकल्प और सुविधाएं
सरकार ने खासकर महाकुंभ और बोधगया जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए विशेष योजनाएँ बनाई हैं। इन स्थलों पर आधारभूत संरचनाओं के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ पर्यटकों के लिए मूलभूत सुविधाओं जैसे आवागमन, ठहरने और सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों को इन योजनाओं को तेज़ी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि आने वाले पर्यटन सीजन तक इनका लाभ मिलने लगे। राज्य सरकार का मानना है कि बेहतर पर्यटन विकास से बिहार को देश और दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर एक विशिष्ट स्थान मिलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें पर्यटन विभाग के सूत्रों के अनुसार, राज्य के अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों की पहचान कर उनका भी चरणबद्ध तरीके से विकास किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह प्रयास बिहार को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा।



