

Bihar Five Star Hotel Plan: कभी सैलानियों की राह में रोड़े बनते थे सुविधाओं के अभाव, अब बिहार सरकार ने बिछा दी है पर्यटन विकास की सुनहरी चादर। वाल्मीकि नगर से शुरू होकर यह पहल, राज्य के हर कोने को चमकाने का संकल्प है।
बिहार फाइव स्टार होटल प्लान: पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान
बिहार सरकार ने राज्य के पर्यटन ढांचे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए एक महत्वाकांक्षी दीर्घकालिक रणनीति तैयार की है। इस योजना के तहत, प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों पर विश्वस्तरीय फाइव-स्टार होटल विकसित किए जाएंगे, जिससे न केवल स्थानीय बल्कि विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित किया जा सकेगा। इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल राजधानी पटना तक सीमित सुविधाओं का विस्तार करना नहीं है, बल्कि वाल्मीकि नगर जैसे अंतर्राष्ट्रीय महत्व के स्थलों से इसकी शुरुआत करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में बताया गया है कि वाल्मीकि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पहले से ही कई कदम उठाए जा रहे हैं। अब यहां फाइव-स्टार होटल के निर्माण से पर्यटकों को ठहरने के लिए उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएँ मिलेंगी। यह पहल बिहार पर्यटन विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
सरकार का मानना है कि पर्यटन सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम भी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। नए होटलों के निर्माण से पर्यटन उद्योग में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों नौकरियां पैदा होंगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। बिहार के प्राकृतिक सौंदर्य और ऐतिहासिक विरासत को दुनिया के सामने लाने के लिए ये होटल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को लुभाने की पहल
इस परियोजना के तहत, विभिन्न पर्यटन स्थलों पर होटल के डिजाइन, सुविधाओं और संचालन के लिए निजी निवेशकों को भी आकर्षित किया जाएगा। सरकार निजी-सार्वजनिक भागीदारी (PPP) मॉडल पर विचार कर रही है, जिससे परियोजनाओं को गति मिल सके और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। पर्यटन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत व्यवहार्यता अध्ययन (feasibility study) के बाद इन होटलों के लिए स्थानों का अंतिम चयन किया जाएगा। इसमें केवल प्रमुख शहरों ही नहीं, बल्कि बौद्ध सर्किट, जैन सर्किट और रामायण सर्किट जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को भी शामिल किया जाएगा।
यह योजना बिहार को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकती है। सरकार की दूरदृष्टि है कि राज्य में आने वाले पर्यटक न केवल यहां की सुंदरता का अनुभव करें, बल्कि उन्हें विश्वस्तरीय आतिथ्य सत्कार भी मिले। यह बिहार पर्यटन विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्यटन मंत्री ने इस योजना को ‘गेम चेंजर’ बताया है और उम्मीद जताई है कि इससे अगले कुछ वर्षों में राज्य के पर्यटन राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




