

Benipur News: जैसे तपती धूप में पेड़ की छांव सुकून देती है, वैसे ही जीवन की आपाधापी में संतों की वाणी मन को शांति प्रदान करती है। बेनीपुर की धरती पर ज्ञान की ऐसी ही गंगा बह निकली, जहां श्रद्धालुओं ने भक्ति के सागर में जमकर गोते लगाए।
यह अवसर था बेनीपुर दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित दो दिवसीय जिला संतमत सत्संग के 36वें वार्षिक अधिवेशन का, जिसके पहले दिन सोमवार को माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। महर्षि मेंही आश्रम, कुप्पाघाट, भागलपुर से पधारे संत-महात्माओं के दिव्य प्रवचन को सुनने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Benipur News: सत्संग से बढ़कर दूसरा कोई लाभ नहीं
इस दौरान स्वामी संजय बाबा ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सत्संग के बगैर मानव विवेक शून्य होता है। उन्होंने कहा, “सत्संग से बढ़कर दूसरा कोई लाभ नहीं है। मानस जप, मानस ध्यान और दृष्टि योग द्वारा नियमित सत्संग और ध्यान-साधना से ही ईश्वर के स्वरूप को जान सकते हैं, इसलिए हर मानव को सत्संग और ध्यान करना चाहिए।”
परमात्मा से साक्षात्कार का सच्चा मार्ग
वहीं, प्रमोद बाबा ने कहा कि परमात्मा से मिलाने के लिए ही साधु-महात्माओं का अवतार होता है। परमात्मा हमारी आत्मा में ही हैं और ध्यान-साधना एवं सुखद शब्द योग द्वारा उनका स्वरूप जाना जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हम सभी जीव परमात्मा रूपी सागर का अंश हैं और भक्ति करने से ही जीव को शांति मिलती है।
इस दौरान महर्षि मेंही आश्रम से आए श्यामानंद बाबा, नरेंद्र बाबा, निर्मलानंद बाबा, और भागीरथ बाबा ने भी सत्संग से मानव जीवन में मिलने वाले लाभों पर प्रकाश डाला। संयोजक संतमत सत्संग समिति के श्याम चंद्र शाह ने सत्संग में आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



