

Fire Accident: आग जब अपना रौद्र रूप दिखाती है, तो इंसानी बस्तियां तिनके की तरह बिखर जाती हैं। ऐसा ही कुछ हुआ कुशेश्वरस्थान के हथौड़ी गांव में, जहां दोपहर के सन्नाटे को चीरती हुई आग की लपटों ने सबकुछ स्वाहा कर दिया।
दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान स्थित गोठानी पंचायत के हथौड़ी गांव में सोमवार की दोपहर कोहराम मच गया। दोपहर करीब 12 बजे मो. अनिसुर रहमान के घर से उठी एक चिंगारी ने विकराल रूप ले लिया और देखते ही देखते 11 घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
जानकारी के अनुसार, इस भीषण अगलगी की घटना में 11 परिवारों के जलावन और मवेशियों के लिए रखे भूसे के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। प्रभावित परिवारों में शामिल हैं:
- मो. अनिसुर रहमान
- मो. मिरकाइल
- मो. इसराफुल
- मो. इदरीस
- मो. इस्माइल
- मो. इजराइल
- मो. सराफील
- मो. शमीम
- मो. कलीम
- मो. मुजीब
- मो. हसीब
इन सभी के घरों में रखा जलावन और भूसा जलकर खाक हो गया, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस Fire Accident में क्या-क्या जला?
इस हादसे में किसी इंसान के हताहत होने की खबर तो नहीं है, लेकिन ग्रामीणों का आर्थिक नुकसान बहुत बड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि सभी घरों में मवेशियों के चारे के लिए साल भर का भूसा और खाना पकाने के लिए जलावन रखा हुआ था, जो अब राख के ढेर में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों ने अपनी जान पर खेलकर और पंपसेट समेत अन्य स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर किसी तरह आग के फैलाव को रोका, वरना पूरा गांव इसकी चपेट में आ सकता था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
प्रशासनिक मदद पहुंचने में हुई देरी
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन भी हरकत में आया। मौके पर दो Fire Brigade की गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन गांव तक पहुंचने का रास्ता संकरा होने के कारण गाड़ियां घटनास्थल तक नहीं पहुंच सकीं। जब तक दमकलकर्मी वैकल्पिक व्यवस्था करते, तब तक ग्रामीणों ने खुद ही आग पर काबू पा लिया था। इस बीच, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, स्थानीय अंचलाधिकारी (सीओ) राकेश सिंह यादव ने घटना की जानकारी ली है। उन्होंने राजस्व कर्मचारी को घटनास्थल पर भेजकर नुकसान का भौतिक सत्यापन करने और प्रभावित परिवारों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया है, ताकि उन्हें सरकारी मुआवजा दिलाया जा सके।



