

Kusheshwar Asthan Power Cut: जैसे सुबह की पहली किरण के साथ ही जिंदगी रफ्तार पकड़ती है, वैसे ही कुशेश्वरस्थान के लोगों को अगले 12 दिनों तक ‘अंधेरे’ का सामना करना पड़ेगा। बिजली विभाग ने एक बड़े मेंटेनेंस और रीकंडक्टिंग कार्य के चलते बिजली आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया है, जिसका सीधा असर हजारों उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
जानें क्यों जरूरी है यह Kusheshwar Asthan Power Cut
विद्युत विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हरौली से सोहरबाघाट जाने वाली 33 केवी की मुख्य विद्युत लाइन पर रीकंडक्टिंग और क्षमता वृद्धि का काम किया जाना है। यह कार्य 17 फरवरी से शुरू होकर 28 फरवरी तक चलेगा। इस अवधि के दौरान, प्रतिदिन सुबह 6 बजे से लेकर 10 बजे तक सोहरबाघाट पावर सब-स्टेशन से निकलने वाले सभी फीडरों की आपूर्ति पूरी तरह से बंद रहेगी। विभाग का कहना है कि इस काम से लाइन लॉस कम होगा और भविष्य में ओवरलोडिंग या फॉल्ट जैसी समस्याओं से निजात मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं को निर्बाध और बेहतर बिजली मिल सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक जरूरी प्रक्रिया है ताकि भविष्य में होने वाली बड़ी बिजली कटौती से बचा जा सके।
इस कटौती का समय सुबह का होने के कारण आम जनजीवन, खासकर स्कूली बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, सुबह के समय चलने वाले छोटे-मोटे व्यवसाय भी इससे प्रभावित होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुबह 10 बजे के बाद बिजली आपूर्ति सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
विभाग की अपील, नागरिक ऐसे करें तैयारी
बिजली विभाग ने क्षेत्र के सभी नागरिकों, किसानों और व्यवसायियों से इस अवधि में सहयोग करने की अपील की है। विभाग ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे अपने जरूरी काम, जैसे पानी की टंकी भरना, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को चार्ज करना, सुबह 6 बजे से पहले ही निपटा लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि कार्य को तय समय-सीमा के भीतर पूरा करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा, ताकि लोगों को कम से कम असुविधा हो। यह एक नियोजित शटडाउन है, जिसका उद्देश्य अंततः क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को और अधिक मजबूत और विश्वसनीय बनाना है। विभाग का लक्ष्य है कि इस सुधार कार्य के बाद इलाके के लोगों को बार-बार की बिजली की समस्या से छुटकारा मिल सके।



