

Madubani Matric Exam: मधुबनी में शिक्षा के रण का बिगुल बज चुका है, जहां कलम ही तलवार और ज्ञान ही ढाल होगी। कल यानी 17 फरवरी से शुरू हो रही मैट्रिक की परीक्षा के लिए जिला प्रशासन ने ऐसी चक्रव्यूह जैसी तैयारी की है कि परिंदा भी पर नहीं मार पाएगा।
जिले में 17 फरवरी से शुरू हो रही बिहार बोर्ड की मैट्रिक वार्षिक परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इस परीक्षा में कुल 71 हजार 977 परीक्षार्थी भाग लेंगे। शांतिपूर्ण और कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने एक संयुक्त आदेश जारी करते हुए कई कड़े दिशा-निर्देश दिए हैं। प्रशासन का संकल्प है कि इस बार की परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
परीक्षा 17 फरवरी 2026 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी। इसके लिए पूरे जिले में कुल 71 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें मधुबनी सदर अनुमंडल में 33, बेनीपट्टी में 8, जयनगर में 6, झंझारपुर में 17 और फुलपरास अनुमंडल में 7 केंद्र शामिल हैं।
Madubani Matric Exam को लेकर प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एक सफल और कदाचार मुक्त परीक्षा के आयोजन के लिए जिले के 248 तेजतर्रार अधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों को स्टैटिक, गश्ती, जोनल, सुपर जोनल और उड़नदस्ता दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार से लेकर परीक्षा हॉल के अंदर तक कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
डीएम ने परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश के समय को लेकर भी सख्त निर्देश दिए हैं। पहली पाली के परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले यानी सुबह 9:00 बजे तक हर हाल में परीक्षा भवन में प्रवेश कर लेना होगा। इसी तरह, दूसरी पाली के परीक्षार्थियों के लिए प्रवेश का अंतिम समय दोपहर 1:30 बजे निर्धारित किया गया है। देर से आने वाले किसी भी छात्र या छात्रा को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
परीक्षा केंद्रों पर रहेगी बाज जैसी नजर, जानें क्या हैं नियम
परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों की गहन तलाशी (बॉडी फ्रिस्किंग) के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। परीक्षार्थियों को जूते-मोजे पहनकर आने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है, उन्हें केवल चप्पल पहनकर ही आना होगा। अगर किसी परीक्षार्थी के पास मोबाइल फोन या कोई अन्य इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पाया जाता है, तो न केवल परीक्षार्थी पर कार्रवाई होगी, बल्कि संबंधित वीक्षक की जवाबदेही भी तय की जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अलावा, परीक्षा के दिनों में सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इस दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास मौजूद फोटोस्टेट, किताब, चाय और पान की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी वीक्षकों की ड्यूटी कंप्यूटरीकृत रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत लगाई जाए ताकि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की आशंका न रहे।





