

Surya Grahan 2026: जब प्रकृति अपने अद्भुत खगोलीय नज़ारों से हमें विस्मित करती है, तो कई बार कुछ विशेष ऊर्जाएँ भी उत्पन्न होती हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण घटना है सूर्य ग्रहण, जिसका हिन्दू धर्म और ज्योतिष में गहरा महत्व है। ग्रहण काल को संवेदनशील माना जाता है और इसके समाप्त होने के बाद वातावरण में फैली नकारात्मक ऊर्जा को दूर करना अत्यंत आवश्यक हो जाता है। यह नकारात्मकता हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकती है। अतः, सूर्य ग्रहण के पश्चात् घर और स्वयं का शुद्धिकरण अत्यंत आवश्यक माना जाता है। इस आलेख में, आप पढ़ेंगे सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद घर-परिवार से नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता का संचार करने के कुछ सरल एवं प्रभावी उपाय।
Surya Grahan 2026 के पश्चात घर और मन के शुद्धिकरण के अद्भुत उपाय
Surya Grahan 2026: नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति के सरल मार्ग
ग्रहण के बाद उत्पन्न हुई सूक्ष्म नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति पाने के लिए कई आध्यात्मिक और पारंपरिक उपाय बताए गए हैं। इन उपायों का पालन कर हम अपने आस-पास के वातावरण को शुद्ध कर सकते हैं और शांति व समृद्धि को पुनः स्थापित कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह शुद्धिकरण न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है।
ग्रहण के बाद शुद्धिकरण के महत्वपूर्ण उपाय
- **पवित्र स्नान:** ग्रहण समाप्त होते ही सबसे पहले स्वयं पवित्र स्नान करें। यदि संभव हो तो स्नान के जल में कुछ बूंदें गंगाजल की मिला लें। इससे शरीर और मन दोनों की शुद्धि होती है।
- **घर की साफ-सफाई:** पूरे घर की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें। विशेषकर उन स्थानों पर जहाँ ग्रहण की किरणें सीधे पड़ी हों। जाले साफ करें और धूल-मिट्टी हटाएँ।
- **गंगाजल का छिड़काव:** घर के हर कोने में, विशेषकर पूजा स्थान और रसोई में गंगाजल का छिड़काव करें। माना जाता है कि गंगाजल में सभी अशुद्धियों को दूर करने की शक्ति होती है।
- **धूप-दीप और अगरबत्ती:** पूरे घर में धूप, दीप और अगरबत्ती जलाएँ। इनकी सुगंध और धुआँ नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर सकारात्मकता का संचार करता है। गुग्गुल या लोबान का धुआँ भी विशेष रूप से लाभकारी होता है।
- **देवी-देवताओं का पूजन:** स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर अपने इष्ट देवी-देवताओं का ध्यान करें और उनका पूजन करें। आरती करें और प्रसाद चढ़ाएँ। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है।
- **दान-पुण्य:** ग्रहण के बाद दान-पुण्य का विशेष महत्व है। अपनी क्षमतानुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें। किसी गरीब या ज़रूरतमंद को दान करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों का शमन होता है।
- **तुलसी और शमी के पौधे:** घर में तुलसी और शमी के पौधे हों तो उन पर भी गंगाजल का छिड़काव करें। ये पौधे सकारात्मक ऊर्जा के वाहक माने जाते हैं।
- **मंत्र जाप:** ग्रहण के दुष्प्रभाव को कम करने और घर में शांति लाने के लिए ‘महामृत्युंजय मंत्र’ या अपने इष्टदेव के मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी होता है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें: धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।
निष्कर्ष और उपसंहार
सूर्य ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है, परंतु ज्योतिषीय दृष्टि से इसका प्रभाव गहरा होता है। इन सरल और प्रभावी उपायों को अपनाकर आप सूर्य ग्रहण के पश्चात् अपने घर और परिवार को नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त कर सकते हैं। यह आध्यात्मिक शुद्धिकरण आपके जीवन में शांति, समृद्धि और सकारात्मकता लाएगा। ईश्वर की कृपा आप पर सदैव बनी रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





