

Bihar Police Exam Fraud: जब भरोसे की नींव पर सेंध लगे, तो हर ईंट सवालों के घेरे में आ जाती है। बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर बादल मंडरा रहे हैं, जहाँ चार अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में डमी उम्मीदवारों को बैठाकर पास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
Bihar Police Exam Fraud: कैसे उजागर हुआ यह बड़ा फर्जीवाड़ा?
बिहार सिपाही भर्ती परीक्षा में हुई इस बड़ी धांधली का खुलासा शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान हुआ। कड़ी बायोमेट्रिक जांच प्रक्रिया ने उन मुन्ना भाइयों को बेनकाब कर दिया, जिन्होंने लिखित परीक्षा में सेंध लगाई थी। यह मामला तब सामने आया जब शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए पहुंचे अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट और तस्वीरों का मिलान लिखित परीक्षा में दर्ज डेटा से किया गया। इसी गहन जांच में चार ऐसे अभ्यर्थी पकड़ में आए, जिनके स्थान पर किसी और ने लिखित परीक्षा दी थी। इन चारों को तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस इस रैकेट के पीछे के बड़े सिंडिकेट का पता लगाने में जुटी है, जिसने मेहनती छात्रों के सपनों से खिलवाड़ करने की कोशिश की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जांच अधिकारियों के अनुसार, यह एक सुनियोजित गिरोह का काम प्रतीत होता है जो अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूल कर उनकी जगह डमी उम्मीदवारों को परीक्षा में बैठाता था। पकड़े गए अभ्यर्थियों के खिलाफ जालसाजी और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह घटना दर्शाती है कि परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण है, खासकर जब लालच और भ्रष्टाचार अपने पैर पसारते हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
फर्जीवाड़े का बढ़ता जाल और कानूनी कार्रवाई
इस फर्जीवाड़े ने हजारों ईमानदार और मेहनती छात्रों के मनोबल पर गहरा आघात पहुंचाया है, जो दिन-रात एक करके अपने भविष्य को संवारने में लगे रहते हैं। राज्य सरकार और परीक्षा संचालन बोर्ड पर अब यह जिम्मेदारी है कि वे न केवल इन अपराधियों को सख्त सजा दिलवाएं, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम भी करें। बायोमेट्रिक जांच की इस सफलता से यह तो स्पष्ट हो गया है कि तकनीक का सही इस्तेमाल ऐसे धांधलीबाजों को पकड़ने में बेहद कारगर साबित हो सकता है। पुलिस इस मामले की तह तक जाकर उन सभी लोगों को बेनकाब करने के लिए प्रतिबद्ध है जो इस नेक्सस का हिस्सा हैं, ताकि भर्ती प्रक्रिया की पवित्रता बनी रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है कि योग्य उम्मीदवार ही मेरिट के आधार पर चयनित हों और भ्रष्टाचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त न किया जाए। यह एक गंभीर मुद्दा है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





