

Earthquake Mock Drill: मधुबनी। धरती जब अंगड़ाई लेती है तो बड़ी-बड़ी इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह जाती हैं। इसी अनहोनी से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए अब मधुबनी जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण कोऑर्डिनेटिंग कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें इस अभ्यास की रूपरेखा तैयार की गई। समाहरणालय सभागार से अपर जिला दंडाधिकारी (आपदा) समेत कई वरीय अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से इस बैठक में हिस्सा लिया।
26 फरवरी को बिहार के 23 जिलों में एक साथ होगा Earthquake Mock Drill
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि 26 फरवरी 2026 को मधुबनी सहित बिहार के कुल 23 जिलों में चिन्हित स्थानों पर एक ही समय में भूकंप परिदृश्य पर आधारित मॉक एक्सरसाइज़ का आयोजन किया जाएगा। इस वृहद अभ्यास के सफल आयोजन के लिए 25 फरवरी को एक टेबल टॉक एक्सरसाइज भी रखी गई है, जिसमें सभी हितधारक विभाग हिस्सा लेंगे ताकि अंतिम दिन किसी भी तरह की कोई चूक न हो। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या है इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य?
इस अभ्यास का मुख्य लक्ष्य भूकंप जैसी विनाशकारी आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तंत्र की तैयारियों का मूल्यांकन करना है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में सभी संबंधित विभाग, जैसे- पुलिस, स्वास्थ्य, अग्निशमन, और राहत-बचाव दल, बिना किसी देरी के और आपसी समन्वय के साथ काम कर सकें। इस महत्वपूर्ण Earthquake Mock Drill के दौरान इंसीडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम (IRS) के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, ताकि आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया सुचारू रूप से चले।
कोऑर्डिनेटिंग कॉन्फ्रेंस में अधिकारियों को मॉक अभ्यास के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। इसमें संसाधनों की उपलब्धता, संचार व्यवस्था की मजबूती, और फील्ड स्तर पर बचाव कार्यों की पूर्व तैयारी पर विशेष जोर दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
जिला प्रशासन ने आम लोगों से की सहयोग की अपील
गौरतलब है कि मधुबनी जिला भूकंप के लिहाज से सबसे खतरनाक माने जाने वाले जोन 6 में आता है, जैसा की विज्ञप्ति में बताया गया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे इस मॉक एक्सरसाइज़ के दौरान पूरा सहयोग करें और इसे केवल एक अभ्यास के रूप में देखें, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या घबराहट न फैले। प्रशासन का मानना है कि इस तरह के अभ्यास वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को कम करने में बेहद मददगार साबित होते हैं।
इस वर्चुअल बैठक में नगर आयुक्त उमेश भारती, डीपीआरओ परिमल कुमार, एडीएमओ रजनीश कुमार, और जिला समादेष्टा होमगार्ड के साथ-साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिजली विभाग के कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




