

Karpoori Thakur: बिहार की सियासत में इन दिनों चुनावी शतरंज की बिसात बिछी है, जहां हर चाल का अपना महत्व है। इसी सियासी बिसात पर एक बड़ा दांव खेला गया जब जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर पटना का बापू सभागार राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के रंग में रंग गया, और इस आयोजन ने प्रदेश की राजनीति को एक नया मोड़ दे दिया। इस खास मौके पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सिर्फ कर्पूरी ठाकुर के सिद्धांतों और दूरदर्शिता को ही याद नहीं किया, बल्कि उन्होंने वर्तमान सरकार पर भी तीखे हमले किए। उनका यह कार्यक्रम केंद्र की नीतियों और Bihar Politics में राजद की भूमिका को स्पष्ट करने का एक बड़ा मंच बन गया।
उमड़े भारी जनसैलाब को सलाम और प्रणाम!
अपमान की ठोकरों को उपलब्धि के मील के पत्थरों में बदल देने वाले सामाजिक जनजागरण के प्रणेता, गांव और गरीब के नेता जननायक स्व कर्पूरी ठाकुर की पुण्यतिथि के अवसर पर पार्टी द्वारा बापू सभागार में आयोजित विशाल श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित जनसैलाब से रूबरू हुआ।
Karpoori Thakur की विरासत और तेजस्वी का सियासी संदेश
तेजस्वी यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर के आदर्शों पर चलते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने हमेशा गरीब, वंचित और शोषित समाज के लिए संघर्ष किया और उनके सपने को साकार करना ही हमारी प्राथमिकता है। इस दौरान उन्होंने कई ऐसी बातें कहीं जो आगामी चुनावों से पहले सियासी गलियारों में हलचल मचा सकती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। Bihar Politics में राजद की अगली रणनीति क्या होगी, इस पर सबकी निगाहें हैं।
राजद के इस आयोजन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नेता मौजूद थे। सभी ने कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। तेजस्वी यादव ने अपने संबोधन में जातीय जनगणना, आरक्षण और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता अब बदलाव चाहती है और राजद ही एकमात्र विकल्प है जो उनके सपनों को पूरा कर सकता है। इन दिनों यह दल अपनी जड़ों को और मजबूत कर रहा है।
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सत्ताधारी दल पर तेजस्वी का सीधा हमला
तेजस्वी यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि आज देश में महंगाई और बेरोजगारी अपने चरम पर है। किसानों को उनका हक नहीं मिल रहा और युवाओं का भविष्य अंधकारमय दिख रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल केवल बड़े उद्योगपतियों के हित में काम कर रहा है और आम जनता की समस्याओं से उनका कोई सरोकार नहीं है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से राजद ने न सिर्फ अपनी संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि यह संदेश भी देने की कोशिश की कि वे ही बिहार में सामाजिक न्याय और विकास के ध्वजवाहक हैं। आने वाले समय में इस आयोजन का बिहार की राजनीति पर गहरा असर देखने को मिल सकता है। तेजस्वी यादव का यह दांव क्या रंग लाता है, यह देखना दिलचस्प होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




