

Darbhanga AIIMS: मिथिला की स्वास्थ्य आकांक्षाओं का सूरज कब उगेगा? निर्माण की धीमी चाल ने जब उम्मीदों पर ग्रहण लगाया, तो दिल्ली में सियासी लॉबिंग ने जोर पकड़ लिया है। अब गेंद सीधे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के पाले में है।
Darbhanga AIIMS निर्माण का टाइम बाउंड मोड में होगा काम?
Darbhanga AIIMS को लेकर चल रही सुस्ती पर अब दिल्ली में हलचल तेज हो गई है। दरभंगा के सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने सोमवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा से उनके दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य एजेंडा एम्स निर्माण की धीमी गति को लेकर था। सांसद ने मंत्री को एक आग्रह पत्र सौंपते हुए इस महत्वाकांक्षी परियोजना में तेजी लाने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भूमि पूजन के समय इसके निर्माण कार्य को 2027 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, जो मौजूदा रफ्तार को देखते हुए असंभव सा प्रतीत हो रहा है।
सांसद ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री के साथ चर्चा में इस परियोजना को मिथिला के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र और राज्य की एनडीए सरकार का सबसे बड़ा ड्रीम प्रोजेक्ट बताया। उन्होंने कहा कि इसका समय पर पूरा होना और यहां मेडिकल की पढ़ाई शुरू होना बेहद आवश्यक है, ताकि इस क्षेत्र के करोड़ों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा मिल सके। इस मुलाकात के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि निर्माण कार्य को एक टाइम बाउंड मोड में पूरा करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
तकनीकी टीम करेगी निर्माण प्रगति का आकलन
सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर के अनुसार, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त किया है। चर्चा के दौरान यह तय हुआ कि स्वास्थ्य मंत्रालय की एक उच्च स्तरीय तकनीकी टीम जल्द ही दरभंगा का दौरा करेगी। यह टीम निर्माण स्थल पर जाकर कार्यों की वास्तविक प्रगति का गहराई से आकलन करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। टीम की रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य की रणनीति तय की जाएगी और निर्माण कार्य को तेज करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
सांसद ने मंत्री को यह भी जानकारी दी कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने व्यक्तिगत रुचि लेकर एम्स के लिए 183 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई थी। इस जमीन पर बाउंड्रीवॉल का काम चल रहा है और 93 एकड़ भूमि पर मुख्य भवन समेत अन्य संरचनाओं का डिजाइन भी फाइनल हो चुका है। इस डिजाइन को आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली और पटना एम्स के विशेषज्ञों की टीम ने स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल बताया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
750 बेड, 20 ऑपरेशन थिएटर: जानें कैसा होगा एम्स का स्वरुप
यह एम्स सिर्फ एक अस्पताल नहीं, बल्कि उत्तर बिहार, मिथिला क्षेत्र और पड़ोसी देश नेपाल के लगभग 15 करोड़ लोगों के लिए एक वरदान साबित होगा। आजादी के बाद मिथिला क्षेत्र के लिए यह केंद्र सरकार का सबसे बड़ा तोहफा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस निर्माणाधीन अस्पताल की संरचना बेहद भव्य और आधुनिक होगी।
स्वीकृत योजना के अनुसार, इस एम्स में निम्नलिखित सुविधाएं होंगी:
- कुल बेड क्षमता: 750
- आईपीडी बेड: 90
- आईसीयू बेड: 25
- सीसीयू बेड: 30
- ऑपरेशन थिएटर: 20
- सुपर स्पेशलिटी विभाग: 15
- स्पेशलिटी विभाग: 12
पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यहां प्रतिदिन 2500 मरीजों को देखने की क्षमता होगी। इसके अतिरिक्त, हॉस्टल और आवासीय परिसर में 1536 लोगों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 नवंबर 2024 को स्वयं निर्माण स्थल पर पहुंचकर इसका भूमि पूजन किया था, जो मिथिला के विकास के प्रति उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। योजना के अनुसार, पहले सत्र में यहां 50 छात्र-छात्राओं के साथ मेडिकल की पढ़ाई भी शुरू की जानी है।




