back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 17, 2026
spot_img

Gold Price में आई बड़ी गिरावट: क्या खत्म हो गया सोने का सुनहरा दौर?

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Gold Price: साल 2025 में सोने की चमक ने निवेशकों को ऐसा जबरदस्त रिटर्न दिया कि शेयर बाजार भी उसके आगे फीका पड़ गया। 2026 की शुरुआत में भी यह तेजी बरकरार रही और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 10 ग्राम के लिए ₹1,80,779 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, यह तेजी ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सकी और पिछले हफ्ते शुक्रवार को इसकी कीमत फिसलकर ₹1,56,200 प्रति 10 ग्राम पर आ गई। महज एक हफ्ते में करीब ₹24,500 या लगभग 13.5 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसने निवेशकों को अचंभित कर दिया है।

- Advertisement -

Gold Price में आई बड़ी गिरावट: क्या खत्म हो गया सोने का सुनहरा दौर?

Gold Price में अचानक आई गिरावट की प्रमुख वजहें

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से धड़ाम गिरी हैं। स्पॉट गोल्ड $5,626 प्रति औंस के अपने उच्च स्तर से गिरकर करीब $5,046.30 प्रति औंस पर आ गया है, जो लगभग 10.5 प्रतिशत की महत्वपूर्ण गिरावट दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस अचानक और तेज गिरावट के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जिनमें रूस से जुड़ी हालिया रिपोर्ट्स एक बड़ी वजह हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने रूसी अंतर्राष्ट्रीय दस्तावेजों का हवाला देते हुए खुलासा किया है कि क्रेमलिन अमेरिका के साथ आर्थिक साझेदारी बढ़ाने पर विचार कर रहा है और मॉस्को अमेरिकी डॉलर में कारोबार के लिए तैयार हो सकता है। यदि यह रिपोर्ट सही साबित होती है, तो इसे ब्रिक्स (BRICS) देशों की ‘डि-डॉलराइजेशन’ रणनीति के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा। अब तक, ब्रिक्स देश व्यापार में डॉलर के विकल्प के तौर पर स्थानीय मुद्राओं या सोने की भूमिका बढ़ाने पर जोर दे रहे थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  मंगलवार को भारतीय Stock Market में गिरावट का रुझान: सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले

वैश्विक भू-राजनीतिक संकेतों का असर

रूस की संभावित डॉलर वापसी की खबरों से यह धारणा कमजोर पड़ी है कि सोना डॉलर का एक मजबूत विकल्प है, जिसका सीधा असर सोने की तेज रफ्तार कीमतों पर पड़ा है। इसके अलावा, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर जारी अनिश्चितता भी सोने पर लगातार दबाव बना रही है। निवेशक अब भी इस बात को लेकर संशय में हैं कि क्या फेडरल रिजर्व दरों में कटौती करेगा या अपना सख्त रुख बनाए रखेगा।

अगर अमेरिकी फेडरल रिजर्व दरों में कटौती को रोकता है या सख्ती बरकरार रखता है, तो अमेरिकी डॉलर में मजबूती आ सकती है। आमतौर पर, मजबूत डॉलर को सोने की कीमतों के लिए नकारात्मक माना जाता है क्योंकि डॉलर-denominated सोना अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए महंगा हो जाता है। कुल मिलाकर, वैश्विक भू-राजनीतिक संकेतों, डॉलर की संभावित मजबूती और ब्याज दरों की अनिश्चितता ने सोने की हालिया तेज गिरावट में अहम भूमिका निभाई है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।

यह स्पष्ट है कि Gold Price में उतार-चढ़ाव कई जटिल वैश्विक कारकों पर निर्भर करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वर्तमान स्थिति में, निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है और किसी भी बड़े निवेश से पहले विशेषज्ञों की राय लेना महत्वपूर्ण है।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

धुरंधर 2 के सेट पर लापरवाही का तांडव: क्या वर्कर्स की जान की कीमत कुछ भी नहीं?

Dhurandhar 2 News: मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बड़ा...

Madhubani News: खेल-खेल में कार में हुए कैद, 10 घंटे तक अटकी रहीं 2 मासूमों की सांसें, फिर पुलिस ने रचा इतिहास

Madhubani News: जब उम्मीद की डोर टूटने लगती है और सांसे थमने लगती हैं,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें