

Air India International Flights: कभी भारतीय विमानन की शान रही एयर इंडिया, अब विदेशी आसमान में अपनी चमक खोती नजर आ रही है। जिस तरह कोई पुराना महल अपनी रंगत खोता जाता है, वैसे ही भारत की राष्ट्रीय विमानन कंपनी की लंबी दूरी की अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों का हाल है। कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू को पत्र लिखकर भारत की प्रमुख एयरलाइन की लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तत्काल सरकारी हस्तक्षेप की मांग की है, जिससे इस बिगड़ती स्थिति पर चिंता की लहर दौड़ गई है।
एयर इंडिया इंटरनेशनल फ्लाइट्स: विदेशी उड़ानों की बदहाली पर सांसद ने किया सवाल, मांगी सरकारी दखलअंदाजी
सांसद औजला ने अपने पत्र में उत्तरी अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख मार्गों पर उड़ानों की दयनीय स्थिति पर यात्रियों की बढ़ती शिकायतों का जिक्र किया है। उन्होंने इस मुद्दे को “एक गंभीर और बढ़ता संकट” करार दिया है, जिस पर तुरंत ध्यान देने और सुधारात्मक उपाय करने की आवश्यकता है। अमृतसर से कांग्रेस सांसद ने विशेष रूप से पंजाब और उत्तर भारतीय प्रवासी समुदाय के यात्रियों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला है, जो अधिक किराया देने के बावजूद वैश्विक मानकों से काफी घटिया सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं।
एयर इंडिया इंटरनेशनल फ्लाइट्स: क्यों बढ़ रही हैं यात्रियों की शिकायतें?
औजला ने सीधे तौर पर वैंकूवर, टोरंटो और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों में आने वाली समस्याओं का उल्लेख किया है। उन्होंने लिखा, “यात्री अत्यधिक किराया चुकाते हैं, लेकिन उन्हें ऐसे विमानों में यात्रा करनी पड़ती है जहां स्क्रीन काम नहीं करती हैं, सीटें टूटी हुई हैं, गद्दी घिसी हुई है और साफ-सफाई की हालत खराब है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।” उन्होंने इस मामले की गंभीरता को रेखांकित किया है, जो भारत की विमानन प्रतिष्ठा पर सीधा असर डाल रहा है। कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका जाने वाले अति लंबी दूरी के मार्गों पर यात्रियों ने सीट-बैक एंटरटेनमेंट सिस्टम में खराबी, क्षतिग्रस्त आर्मरेस्ट, ढीले सीटिंग फिक्स्चर और खराब रखरखाव वाले केबिन इंटीरियर की शिकायतें बार-बार दर्ज कराई हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ऐसी स्थितियां न केवल यात्रियों के आराम में कमी लाती हैं, बल्कि छात्रों, पेशेवरों और परिवारों द्वारा भारी मात्रा में उपयोग किए जाने वाले इन प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर भारत की छवि को भी धूमिल करती हैं।
आधुनिकीकरण की धीमी रफ्तार, यात्रियों की बढ़ती बेचैनी
एयर इंडिया द्वारा अपने बेड़े के नवीनीकरण और आधुनिकीकरण कार्यक्रम शुरू करने की बात स्वीकार करते हुए भी, सांसद औजला ने इसे पूरा होने में लगने वाले लंबे समय पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्टों के अनुसार, यह कार्यक्रम 2027-2028 तक खिंच सकता है। उन्होंने तर्क दिया कि महत्वपूर्ण प्रवासी मार्गों पर यात्रियों से यह अपेक्षा नहीं की जा सकती कि वे वर्षों तक अपर्याप्त सेवा को सहन करें जबकि उन्नयन कार्य लंबित है। यह सीधे तौर पर यात्रियों के यात्री अनुभव को प्रभावित कर रहा है। औजला ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है ताकि यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिल सकें और भारत की राष्ट्रीय एयरलाइन अपनी खोई हुई साख वापस पा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



