

आवेश आलम अररिया।Ramadan 2026: इंतजार की घड़ियां खत्म हुईं और बरकतों का महीना दबे पांव खुशियां लेकर आ गया है। सऊदी अरब के आसमान पर रमजान के मुबारक महीने का चाँद नजर आ गया है, जिसके साथ ही दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पाक महीने का आगाज हो गया है।
सऊदी अरब में चाँद दिखने की घोषणा के बाद इस्लामिक जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है। घोषणा के अनुसार, सऊदी अरब में पहला रोजा बुधवार, 18 फरवरी 2026 को रखा जाएगा। इसके साथ ही मस्जिदों में तरावीह (विशेष नमाज) का दौर भी शुरू हो गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह महीना इबादत और सब्र का महीना माना जाता है, जिसमें मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक बिना कुछ खाए-पिए रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत में मशगूल रहते हैं।
भारत में कब शुरू होगा Ramadan 2026?
सऊदी अरब में चाँद दिखने के बाद अब भारत में भी रमजान के चाँद को लेकर इंतजार बढ़ गया है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, भारत में सऊदी अरब के एक दिन बाद रमजान का महीना शुरू होता है। इस लिहाज से भारत में पहला रोजा गुरुवार, 19 फरवरी 2026 को रखे जाने की उम्मीद है। हालांकि, इसकी अंतिम घोषणा 18 फरवरी को भारत में रमजान का चाँद दिखने के बाद ही की जाएगी।
इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, महीने की शुरुआत नए चाँद के दिखने पर निर्भर करती है। यही वजह है कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में रोजे की शुरुआत में एक दिन का अंतर देखने को मिलता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
क्यों खास है रमजान का महीना?
रमजान को इस्लामिक कैलेंडर का नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है। मुसलमानों का मानना है कि इसी महीने में पवित्र कुरान पैगंबर मुहम्मद पर अवतरित हुई थी। यह महीना आत्म-अनुशासन, त्याग और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है। रोजा रखने के अलावा, मुसलमान इस महीने में दान-पुण्य (जकात) करते हैं और बुराइयों से दूर रहने का संकल्प लेते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह महीना लोगों को आध्यात्मिक रूप से खुद को शुद्ध करने का अवसर प्रदान करता है।

