

Dhurandhar 2 News: मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में एक बार फिर सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जब फिल्म ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान हुई गंभीर लापरवाही ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस घटना ने फिल्म निर्माण के दौरान वर्कर्स की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों को उजागर किया है, जिस पर ऑल इंडियन सीने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने कड़ा रुख अपनाया है।
धुरंधर 2 के सेट पर लापरवाही का तांडव: क्या वर्कर्स की जान की कीमत कुछ भी नहीं?
फिल्म ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान हुए सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले ने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। AICWA ने साफ शब्दों में कहा है कि किसी भी कीमत पर वर्कर्स की जान से समझौता नहीं किया जा सकता। एसोसिएशन ने निर्देशक आदित्य धर और उनकी प्रोडक्शन कंपनी B62 स्टूडियोज के खिलाफ सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) द्वारा उठाए गए कदमों को एसोसिएशन ने सही दिशा में उठाया गया फैसला बताया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
धुरंधर 2: शूटिंग सेट पर बरती गई घोर लापरवाही
AICWA के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने इस पूरे मामले पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री की रीढ़ इसके टेक्नीशियन, मजदूर और वर्कर्स ही हैं। उनकी सुरक्षा, सम्मान और जिंदगी से बढ़कर कुछ भी नहीं है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि कोई भी प्रोडक्शन हाउस कानून से ऊपर नहीं हो सकता, चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो। एसोसिएशन के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ की शूटिंग के दौरान कई बार सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई। हाई-सिक्योरिटी वाले संवेदनशील इलाकों में जलती मशालों का इस्तेमाल किया गया, जो कि एक बड़ी लापरवाही थी। इसके अलावा, कुछ लोकेशन्स को बिना उचित अनुमति के ही बदल दिया गया। गैस सिलेंडर और जेनरेटर वैन का उपयोग भी निर्धारित नियमों के खिलाफ बताया गया है, जिससे सेट पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
वर्कर्स की सुरक्षा, इंडस्ट्री की पहचान
AICWA का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कई सालों से शूटिंग सेट्स पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी की शिकायतें लगातार आती रही हैं। गोरेगांव फिल्म सिटी और अन्य स्टूडियो में आग लगने, करंट लगने और ऊंचाई से गिरने जैसी कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। इन दर्दनाक हादसों में कई वर्कर्स घायल हुए हैं और कुछ ने तो अपनी जान तक गंवा दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एसोसिएशन ने पहले भी राज्य सरकार और बीएमसी अधिकारियों से शूटिंग सेट्स पर सख्त निगरानी की मांग की थी। AICWA का मानना है कि अगर समय रहते ठोस कदम उठाए जाते, तो ऐसे मामले दोबारा सामने नहीं आते। ‘धुरंधर 2’ मामले में बीएमसी द्वारा बी62 स्टूडियोज को ब्लैकलिस्ट करने की सिफारिश और उन पर भारी जुर्माना लगाने के प्रस्ताव को एसोसिएशन ने एक मजबूत और आवश्यक कदम बताया है। यह फैसला अन्य प्रोडक्शन हाउसेस के लिए एक कड़ी चेतावनी साबित हो सकता है कि वर्कर्स की सुरक्षा के साथ कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए इंडस्ट्री में एक स्थायी और सख्त प्रोटोकॉल लागू हो, ताकि फिल्म निर्माण के दौरान हर जान की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


