

Bihar News: सियासत की बिसात पर कब कौन सा मोहरा शह दे दे, कहना मुश्किल है। ऐसा ही कुछ बिहार विधानसभा में देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के ही एक विधायक ने अपनी सरकार की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिए। मामला बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र में वर्षों से अधर में लटकी दो महत्वपूर्ण सड़कों से जुड़ा है, जिसे लेकर विधायक ने सदन में अपनी ही सरकार को घेर लिया।
Bihar News: विधायक के तीखे सवाल और मंत्री का जवाब
बेनीपुर से विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी ने विधानसभा में तारांकित प्रश्न के माध्यम से अपनी ही सरकार पर सवालों की बौछार कर दी। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत बेनीपुर-मनीगाछी और जगन्नाथपुर-पटनिया पथ के निर्माण का मुद्दा उठाया, जिनका काम तीन साल बाद भी अधूरा पड़ा है। विधायक ने अविलंब निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पर ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने सदन में जवाब दिया।
मंत्री अशोक चौधरी ने माना कि निर्माण कार्य में देरी हुई है। उन्होंने बताया कि बेनीपुर-मनीगाछी पथ पर ट्रैफिक का दबाव बहुत ज्यादा है, जिसके कारण इसके प्राक्कलन को पुनरीक्षित कर दोबारा स्वीकृति दी गई। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि इस पथ पर अब काम शुरू कर दिया गया है।
वहीं, जगन्नाथपुर-पटनिया पथ के संबंध में मंत्री ने कहा कि इस योजना को वित्तीय वर्ष 2022-23 में ही स्वीकृति मिली थी। लेकिन संबंधित संवेदक द्वारा कार्य की प्रगति बेहद धीमी थी, जिसके चलते उसकी निविदा को विखंडित यानी रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इस महत्वपूर्ण सड़क निर्माण के लिए दोबारा निविदा जारी कर काम शुरू करवाया जाएगा।
अब निगरानी विभाग करेगा सड़कों की जांच
विधायक विनय कुमार चौधरी केवल इन दो सड़कों पर ही नहीं रुके। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग के अधीन सभी नवनिर्मित और निर्माणाधीन सड़कों की जांच निगरानी विभाग से कराने की भी मांग की, जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस फैसले के बाद यह आशंका प्रबल हो गई है कि बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र में काम कर रहे कई संवेदकों पर गाज गिरना तय है।
इधर, बेनीपुर विधायक प्रोफेसर विनय कुमार चौधरी के एक पुरक प्रश्न के जबाब में मंत्री अशोक चौधरी ने विधानसभा क्षेत्र के नव निर्मित कयी सड़कों की जांच निगरानी से करवाने की घोषणा की है। ज्ञात हो कि विधायक श्री चौधरी ने प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत स्वीकृत बेनीपुर मनीगाछी एवं जगन्नाथपुर पटनिया पथ का स्वीकृत 3 साल पर पूर्ण होने के बावजूद निर्माण कार्य अधर में होने को लेकर विधानसभा में तारांकित प्रश्नों के माध्यम से अपने ही सरकार को घेरने का प्रयास किया और अविलंब निर्माण प्रारंभ करवाने की मांग की। प्रश्न के उत्तर में ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने प्रश्न को स्वीकारात्मक मानते हुए कहां है कि बेनीपुर मनीगाछी पथ में ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव रहने के कारण प्राक्कलन को पुनरीक्षण कर पुनः स्वीकृति दी गई और जिसके तहत कार्य प्रारंभ कर दी गई है। जबकि बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र के ही जगन्नाथपुर पटनिया पथ जिसकी स्वीकृति वित्तीय वर्ष 22 -23 में ही स्वीकृति दी गई थी।उक्त संबंध में विभागीय मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कार्य की प्रगति धीमी होने के कारण संवेदक की निविदा विखंडित कर दी गई है जिसे अविलंब पुनः निविदा जारी कर कार्य प्रारंभ की जाएगी। दूसरी ओर विधायक श्री चौधरी ने बताया कि विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नवनिर्मित एवं निर्माणाधीन ग्रामीण कार्य विभाग के अधीनस्थ मधुबन से रजवाड़ा पथ का जांच सरकार द्वारा निगरानी विभाग से कराए जाने की बात कही गई है। जिससे यह आशंका प्रबल होने लगी है की बेनीपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नवनिर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क के संवेदक पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। क्योंकि अधिकांश सड़कों में गुणवत्ता एवं समय सीमा का कोई ख्याल नहीं रखा गया है जिसके कारण सड़क समय पूर्व ध्वस्त हो रहे हैं। अब देखना है कि विधायक श्री चौधरी के पहल पर निगरानी जांच के पश्चात कहां तक गुणवत्ता में सुधार लाई जाती है।
दरअसल, क्षेत्र की अधिकांश सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता और समय-सीमा का ध्यान नहीं रखा गया है, जिसके कारण सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही जर्जर हो जाती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब देखना यह होगा कि विधायक की इस पहल और निगरानी विभाग की जांच के बाद सड़कों की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है और दोषी पाए गए संवेदकों पर क्या कार्रवाई होती है।


