

UPSC Result: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों युवा इसमें अपना भाग्य आजमाते हैं, लेकिन सफलता के शिखर तक कुछ ही पहुंच पाते हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी से रूबरू कराएँगे, जिसने कम उम्र में ही इस कठिन परीक्षा को पास कर इतिहास रच दिया।
UPSC Result 2024: मात्र 21 साल की उम्र में IAS बनीं आस्था सिंह, जानें सफलता की कहानी
UPSC Result: कैसे मिली आस्था सिंह को यह ऐतिहासिक सफलता?
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा को पार करना किसी भी अभ्यर्थी के लिए एक सपना होता है। इस परीक्षा के तीन चरण – प्रारंभिक, मुख्य और इंटरव्यू – न केवल ज्ञान बल्कि धैर्य, अनुशासन और अथक परिश्रम की भी मांग करते हैं। इन्हीं गुणों को आत्मसात कर आस्था सिंह ने मात्र 21 वर्ष की आयु में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने वर्ष 2024 की परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक (AIR) 61 प्राप्त कर, सबसे कम उम्र की आईएएस अधिकारियों में अपना नाम दर्ज कराया।
आस्था सिंह मूलतः हरियाणा के पंचकूला की निवासी हैं, हालांकि उनका पारिवारिक जुड़ाव उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कुशाहा कनौरा गांव से है। उनके पिता, बृजेश सिंह, एक फार्मा कंपनी में क्वालिटी हेड के तौर पर कार्यरत हैं। बचपन से ही आस्था पढ़ाई में मेधावी थीं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा भोपाल और पंचकूला से पूरी की, जहां से ही उनके बड़े लक्ष्य तय होने लगे थे।
स्कूली शिक्षा के बाद, आस्था ने उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली का रुख किया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) से अर्थशास्त्र (ऑनर्स) में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का दृढ़ निश्चय कर लिया था और अपनी पढ़ाई के साथ-साथ UPSC की तैयारी भी शुरू कर दी थी।
आस्था की सफलता का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने बिना किसी औपचारिक कोचिंग के UPSC की तैयारी की। उन्होंने अपनी स्वयं की तैयारी की रणनीति विकसित की और सही अध्ययन सामग्री का सावधानीपूर्वक चयन किया। उन्होंने अपनी नींव मजबूत करने के लिए एनसीईआरटी की किताबों से शुरुआत की, जिसके बाद राजनीति विज्ञान जैसे विषयों के लिए एम. लक्ष्मीकांत जैसी भरोसेमंद पुस्तकों का अध्ययन किया। सामान्य अध्ययन पर विशेष ध्यान देते हुए, उन्होंने सीमित लेकिन उच्च गुणवत्ता वाले स्रोतों पर भरोसा किया। एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि उनके पास पहले प्रयास के लिए पूरा एक साल भी नहीं था, इसलिए उन्होंने फाउंडेशन कोर्स जॉइन नहीं किया। उन्हें अपनी मेहनत और सही दिशा पर पूरा विश्वास था कि वे कम समय में भी सिलेबस को सफलतापूर्वक पूरा कर सकती हैं।
आस्था सिंह की प्रेरणादायक यात्रा
UPSC से पहले, आस्था ने हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा में भी सफलता हासिल की। वर्ष 2024 में, उन्होंने हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा आयोजित एचसीएस परीक्षा में 31वीं रैंक प्राप्त की, जिसके परिणामस्वरूप उनका चयन हरियाणा सरकार में सहायक उत्पाद शुल्क एवं कराधान अधिकारी (AETO) के रूप में हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस पद पर कार्यरत रहते हुए भी उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखी। नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन आस्था ने अपने समय का प्रभावी ढंग से उपयोग किया।
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में आस्था का प्रदर्शन असाधारण रहा। उन्होंने लिखित परीक्षा में 795 अंक और इंटरव्यू में 200 अंक प्राप्त किए, कुल मिलाकर 995 अंकों के साथ उन्होंने AIR 61 हासिल की। उनकी इस बेहतरीन रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में होना लगभग तय है। लेटेस्ट एजुकेशन और जॉब अपडेट्स के लिए यहां क्लिक करें।
आस्था सिंह की कहानी उन लाखों अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो सिविल सेवा में अपना करियर बनाने का सपना देखते हैं। उनकी सफलता यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन, अटूट दृढ़ संकल्प और सतत प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है, भले ही परिस्थितियाँ कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों। आप भी अपने सपनों को पूरा करने के लिए उनकी इस यात्रा से सीख ले सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

