

Bihar IAS controversy: कभी-कभी एक तस्वीर, एक छोटी सी घटना बड़े सियासी बवंडर को जन्म दे देती है, और जब इसमें सत्ता के गलियारों के किरदार शामिल हों, तो मामला और भी पेचीदा हो जाता है। बिहार के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक आईएएस अधिकारी से जुड़ी ऐसी ही एक घटना ने राजनीतिक भूचाल ला दिया है।
बिहार IAS controversy: क्या है पूरा मामला?
नीलेश रामचंद्र देवरे, जो 2011 बैच के एक अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं, आजकल सुर्खियों में हैं। महाराष्ट्र के मूल निवासी देवरे ने डॉक्टरी की पढ़ाई की थी, लेकिन बाद में उन्होंने प्रशासनिक सेवा का रुख किया। बिहार के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी के तौर पर अपनी सेवाएं दे चुके देवरे वर्तमान में पर्यटन विभाग में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनके नाम के साथ अब एक चार्टर प्लेन यात्रा की घटना जुड़ी है, जिसने बिहार विधानसभा में सियासी घमासान मचा दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। विपक्ष इस मामले पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है, जिससे यह मुद्दा और भी गरमा गया है।
यह पूरा मामला एक चार्टर प्लेन से उनकी कथित यात्रा से संबंधित है, जिसकी वजह से सवाल उठने लगे हैं। विधानसभा के पटल पर इस मुद्दे पर लंबी बहस हुई और विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
डॉक्टर से आईएएस बनने तक का सफर
Nilesh Ramchandra Deore का करियर पथ काफी दिलचस्प रहा है। चिकित्सा क्षेत्र से प्रशासनिक सेवा में आने का उनका निर्णय कई लोगों के लिए प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने अपनी कार्यशैली और ईमानदारी के लिए भी पहचान बनाई है। यह विवाद उनके करियर के लिए एक नई चुनौती बनकर सामने आया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक रूप से कोई स्पष्टीकरण अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है। सरकार की ओर से इस मामले को शांत करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे एक बड़ा मुद्दा बनाने पर आमादा है।


