

Jeevika Didi: जैसे मजबूत नींव पर ही बुलंद इमारत खड़ी होती है, ठीक वैसे ही स्वस्थ पशुओं के दम पर ग्रामीण परिवारों की आर्थिक गाड़ी रफ़्तार पकड़ रही है। सिंहवाड़ा के कटका पंचायत में बुधवार को इसका एक शानदार उदाहरण देखने को मिला, जहां एक पशु स्वास्थ्य शिविर ने सैकड़ों किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी।
Jeevika Didi की बढ़ती भागीदारी ने खींचा ध्यान
सिंहवाड़ा प्रखंड के कटका पंचायत में बुधवार को आयोजित एक विशेष पशु स्वास्थ्य शिविर में जीविका से जुड़ी महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और पशुपालन के प्रति उनके समर्पण को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए जीविका की जिला परियोजना प्रबंधक डॉ. रिचा गार्गी ने कहा कि पशुपालन के सहारे जीविका दीदियों के परिवार का विकास तेजी से हो रहा है और यह आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस शिविर में कुल 242 किसानों के पशुओं का सफलतापूर्वक उपचार किया गया, जिसमें मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना और उन्हें सही समय पर इलाज मुहैया कराना था। प्रखंड पशुपालन अधिकारी ने इस अवसर पर पशुओं की उचित देखभाल, उनके खान-पान और बीमारियों से बचाव के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे छोटे-छोटे उपाय अपनाकर पशुओं को स्वस्थ रखा जा सकता है, जिससे उनकी दूध उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होती है।
स्वस्थ पशु ही हैं आय का मुख्य स्रोत
कार्यक्रम के दौरान प्रखंड परियोजना प्रबंधक अमित कुमार चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका के लिए स्वस्थ पशु सर्वोपरि हैं। यदि पशु स्वस्थ रहेंगे तो उनके माध्यम से जीविकोपार्जन में आसानी होगी और परिवारों की आय में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि सफल पशुपालन से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कटका पंचायत के मुखिया कुमार किसलय ने जीविका के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था जमीनी स्तर पर शानदार काम कर रही है और हमलोग भी जीविका दीदियों के साथ मिलकर पंचायत के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं।
इस कार्यक्रम में प्रखंड की मेंटल मनोरमा कुमारी ने पशु शिविर के महत्व और इसके लाभों के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन क्षेत्रीय समन्वयक राजीव कुमार ने किया। इस शिविर ने न केवल पशुओं को स्वास्थ्य लाभ पहुंचाया, बल्कि किसानों को नई जानकारी और प्रोत्साहन भी दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। यह आयोजन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




