

Bihar Pavilion: तकनीक की दुनिया में बिहार ने ऐसी दस्तक दी है कि अब दिल्ली भी हैरान है। AI की इस सुनामी में बिहार पिछड़ा नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय कर रहा है। नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Expo 2026 में बिहार ने अपने पवेलियन के जरिए डिजिटल प्रशासन और स्मार्ट गवर्नेंस का ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश के लिए एक नई मिसाल बन गया है।
India AI Expo में Bihar Pavilion ने मचाई धूम, ई-वोटिंग से लेकर स्मार्ट गवर्नेंस तक, दुनिया देखेगी बिहार का दम!
नई दिल्ली में आयोजित India AI Impact Expo 2026 में बिहार की तकनीकी प्रगति आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हॉल नंबर-5 के प्रथम तल पर स्थित बिहार पवेलियन में राज्य निर्वाचन आयोग और बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD), गया की Bihar GenNext Lab ने मिलकर भविष्य के शासन की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की है। यह पवेलियन नीति-निर्माताओं और तकनीकी विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। बुधवार को राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा और इस्पात मंत्रालय के सचिव संदीप पौंड्रिक समेत कई गणमान्य हस्तियों ने पवेलियन का दौरा कर बिहार की इस पहल की सराहना की।
इस अवसर पर संजय झा ने कहा, “बिहार ने मोबाइल आधारित ई-वोटिंग, एआई आधारित मतगणना और GenNext Lab के माध्यम से डेटा-संचालित शासन का जो मॉडल प्रस्तुत किया है, वह नए भारत के डिजिटल लोकतंत्र की दिशा निर्धारित करता है। यह पहल पारदर्शिता, समावेशन और जवाबदेही को मजबूत कर बिहार को तकनीकी नेतृत्व वाले राज्यों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा करती है।”
Bihar Pavilion बना आकर्षण का केंद्र, दिखी भविष्य की झलक
राज्य निर्वाचन आयोग ने शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के लिए देश का पहला राज्य-स्तरीय मोबाइल आधारित रिमोट ई-वोटिंग सिस्टम प्रदर्शित किया। यह प्रणाली विशेष रूप से प्रवासी मतदाताओं, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और अस्पताल में भर्ती मरीजों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है। एआई, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) और ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग यह सुनिश्चित करता है कि हर वोट सुरक्षित और अपरिवर्तनीय रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। राज्य निर्वाचन आयोग के कमिश्नर डॉ. दीपक प्रसाद के अनुसार, यह पहल लोकतांत्रिक भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।
इसके अलावा, फर्जी मतदान को रोकने के लिए FRS आधारित वोटर वेरिफिकेशन मोबाइल ऐप भी पेश किया गया। यह तकनीक चेहरे की पहचान कर नकली या डुप्लीकेट वोटिंग को असंभव बना देती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पुराने वोटर आईडी कार्ड की तस्वीरों से भी सटीक मिलान कर सकती है और ऑफलाइन मोड में भी काम करती है।
चुनावों में पारदर्शिता और गति लाएगी AI तकनीक
मतगणना प्रक्रिया में मानवीय त्रुटियों को खत्म करने और परिणामों में तेजी लाने के लिए एआई आधारित ओसीआर काउंटिंग सिस्टम का प्रदर्शन किया गया। यह तकनीक ईवीएम डिस्प्ले से सीधे आंकड़ों को डिजिटल रूप में कैप्चर और वैलिडेट करती है। इससे एक स्थायी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है, जिससे किसी भी समय ऑडिट करना संभव है। इस तकनीक का सफल प्रयोग बिहार के नगरपालिका और पंचायत चुनावों में पहले ही किया जा चुका है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
BIPARD की GenNext Lab: 7 कियोस्क से बदल रही शासन की तस्वीर
बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (BIPARD), गया में स्थापित Bihar GenNext Lab ने 7 डिजिटल कियोस्क के माध्यम से यह दिखाया कि डेटा, जीआईएस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कैसे शासन को बदल सकते हैं।
* डैशबोर्ड कियोस्क: 45 विभागों और 38 जिलों का रियल-टाइम डेटा दिखाता है, जिससे योजनाओं की निगरानी आसान होती है।
* डेटा रिपॉजिटरी कियोस्क: सभी विभागों का डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है।
* जीआईएस मैपिंग कियोस्क: पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक के सरकारी संस्थानों की सटीक लोकेशन दिखाता है।
* Ask Aryabhat: यह एक चैटबॉट है जो सरकारी डेटा के आधार पर अधिकारियों को विश्लेषण और सुझाव देता है।
* Bihar at its Grassroots: यह कियोस्क जिलों की सफलता की कहानियों को प्रदर्शित करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
* CollabNote: यह एक डिजिटल वर्कस्पेस है जो विभागों के बीच समन्वय को बेहतर बनाता है।
* Bihar Map: यह एक इंटरैक्टिव मानचित्र है जो जिलेवार विकास की जानकारी देता है।
बिपार्ड के महानिदेशक डॉ. बी. राजेंद्र ने कहा, “हमारा उद्देश्य तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था को सशक्त करते हुए बिहार को सुशासन के नए मानकों तक पहुंचाना है।” India AI Impact Expo में बिहार का यह प्रदर्शन केवल एक तकनीकी झांकी नहीं, बल्कि एक ऐसे भविष्य का वादा है जहां शासन हर नागरिक के लिए सुलभ, पारदर्शी और प्रभावी होगा।






