

AI Investment: माइक्रोसॉफ्ट ने वैश्विक AI असमानता को पाटने के लिए 50 अरब डॉलर के भारी-भरकम निवेश की घोषणा कर दुनिया को चौंका दिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब विकसित और विकासशील देशों के बीच तकनीकी खाई लगातार बढ़ती जा रही है, और AI का असमान वितरण आर्थिक अवसरों को सीमित कर रहा है। इस निवेश का लक्ष्य केवल पूंजी लगाना नहीं, बल्कि एक समावेशी AI भविष्य का निर्माण करना है, जहां हर व्यक्ति और समुदाय को इस क्रांतिकारी तकनीक का लाभ मिल सके।
AI Investment: माइक्रोसॉफ्ट का 50 अरब डॉलर का महायोजना, AI से भरेगा विकासशील देशों का भविष्य!
वैश्विक AI Investment: असमानता पाटने की रणनीति
माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयर और अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ तथा AI प्रभारी उपाध्यक्ष नताशा क्रैम्प्टन ने ‘इंडिया AI इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन’ में इस महत्वाकांक्षी योजना का खुलासा किया। कंपनी की ‘AI डिफ्यूजन रिपोर्ट’ स्पष्ट करती है कि AI की पहुंच में असमानता वैश्विक उत्तर (विकसित देश) और वैश्विक दक्षिण (विकासशील देश) के बीच आर्थिक अंतर को और गहरा कर सकती है। इस खाई को कम करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने बुनियादी ढांचा, कौशल विकास, बहुभाषी AI, स्थानीय नवाचार और AI अपनाने के मापन जैसे पांच प्रमुख स्तंभों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्णय लिया है।
पिछले वित्तीय वर्ष में, कंपनी ने वैश्विक दक्षिण को सेवा देने वाले डेटा सेंटर ढांचे पर आठ अरब डॉलर से अधिक खर्च किए हैं। इसमें भारत, मेक्सिको और अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया तथा पश्चिम एशिया के देश शामिल हैं। कंपनी का लक्ष्य 25 करोड़ वंचित लोगों तक इंटरनेट पहुंच बढ़ाना है, जिनमें से 10 करोड़ अकेले अफ्रीका में होंगे। साझेदारियों के माध्यम से, माइक्रोसॉफ्ट पहले ही अफ्रीका में 11.7 करोड़ लोगों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कौशल विकास और डिजिटल पहुंच का विस्तार
कौशल विकास के तहत, माइक्रोसॉफ्ट ने पिछले वित्तीय वर्ष में क्लाउड, AI और डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर दो अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया। ‘माइक्रोसॉफ्ट एलिवेट’ पहल का लक्ष्य 2028 तक दो करोड़ लोगों को AI प्रमाणन दिलाना है। भारत में, 2025 तक 56 लाख लोगों को प्रशिक्षित करने के बाद, 2030 तक दो करोड़ भारतीयों को AI कौशल से लैस करने की महत्वाकांक्षी योजना है। यह सुनिश्चित करेगा कि बड़ी संख्या में लोग आधुनिक डिजिटल कौशल से लैस हों।
इसके अतिरिक्त, ‘एलिवेट फॉर एजुकेटर्स’ कार्यक्रम के तहत दो लाख से अधिक संस्थानों के 20 लाख शिक्षकों और 80 लाख छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। यह सिर्फ तकनीकी उन्नयन नहीं, बल्कि एक सामाजिक परिवर्तन का प्रयास है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भाषाई बाधाएं और स्थानीय नवाचार का समर्थन
कंपनी का मानना है कि भाषाई बाधाएं AI के व्यापक प्रसार में एक बड़ी रुकावट हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए, माइक्रोसॉफ्ट बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक AI प्रणालियों में निवेश बढ़ा रही है। साथ ही, भारतीय संस्थानों के साथ मिलकर सामुदायिक-आधारित AI मूल्यांकन उपकरण विकसित किए जा रहे हैं।
डेवलपर इकोसिस्टम के संदर्भ में, माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि GitHub पर भारत का 2.4 करोड़ डेवलपर्स का समुदाय दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा है और शीर्ष 30 अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज गति से बढ़ रहा है। 2020 से इसकी वार्षिक वृद्धि दर 26 प्रतिशत से अधिक रही है। यह संख्या तेजी से बढ़ रही है और ये डेवलपर्स भविष्य के AI समाधानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। यह निवेश AI को अधिक समावेशी और वैश्विक स्तर पर संतुलित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



