

AI Impact Summit: जब दिल्ली में तकनीकी भविष्य का महाकुंभ सजा, तो ज्ञान की बहार कुछ ऐसी उमड़ी कि वक़्त भी ठहर गया। भीड़ का सैलाब, उत्सुकता का ज्वार, और यही वजह है कि एआई के इस भव्य उत्सव को एक दिन और बढ़ा दिया गया है। नई दिल्ली में जारी AI इम्पैक्ट समिट को लेकर जनता का उत्साह चरम पर है। भारी भीड़ और लगातार बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए आयोजकों ने एक्सपो को एक दिन के लिए और बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब यह प्रदर्शनी शनिवार, 21 फरवरी 2026 तक दर्शकों के लिए खुली रहेगी।
AI Impact Summit: दिल्ली में AI के महाकुंभ का विस्तार
पहले के दिनों में, बहुपक्षीय बैठकों और उच्चस्तरीय कार्यक्रमों के कारण सुरक्षा व्यवस्थाएं बेहद सख्त थीं। आईटी सचिव एस. कृष्णन ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि इन कड़े सुरक्षा प्रबंधों के चलते शुरुआती दिनों में आम आगंतुकों को कुछ असुविधा हुई थी। हालांकि, सप्ताह के दिनों में अपनी व्यस्तताओं के कारण नहीं आ पाने वाले छात्र और पेशेवर अब शनिवार को अपेक्षाकृत आसान सुरक्षा प्रबंधों के बीच इस महत्वपूर्ण प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में 400 से अधिक प्रदर्शक शिरकत कर रहे हैं। इनमें नवोदित स्टार्टअप्स, बड़ी कॉरपोरेट कंपनियाँ, सरकारी संस्थाएँ और अग्रणी शोधकर्ता शामिल हैं। सम्मेलन के पहले तीन दिनों में ही रिकॉर्ड संख्या में लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई। विशेष रूप से 16 फरवरी को, जब कई हिस्सों में आम जनता का प्रवेश सीमित था, तब भी भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना रहा। तीन दिन बीत जाने के बाद भी आगंतुकों की संख्या में कोई कमी नहीं आई, जिसके कारण आयोजकों को अवधि बढ़ाने का यह फैसला लेना पड़ा। हालाँकि, यह अभी स्पष्ट नहीं है कि सभी प्रदर्शक शनिवार तक अपने स्टॉल जारी रख पाएंगे या नहीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
सुरक्षा और सुविधाओं का संतुलन
यह भी उल्लेखनीय है कि 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वैश्विक नेताओं की पूर्ण बैठक निर्धारित है। इस महत्वपूर्ण बैठक के चलते एक्सपो उस दिन आम जनता के लिए बंद रहेगा और अगले दिन यानी 20 फरवरी को फिर से खुलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करती हैं कि जहाँ एक ओर महत्वपूर्ण वार्ताएँ संपन्न हों, वहीं दूसरी ओर आम जनता को भी तकनीक के इस भविष्य से जुड़ने का अवसर मिले।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भारत का डंका
इसी बीच, सम्मेलन ने एक और अविस्मरणीय उपलब्धि हासिल की है, जिसने भारत का नाम विश्व पटल पर रोशन किया है। ब्रिटेन की प्रतिष्ठित संस्था गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि इस भव्य आयोजन के दौरान 24 घंटे के भीतर जिम्मेदार एआई उपयोग के लिए सर्वाधिक छात्र प्रतिज्ञाएँ दर्ज की गईं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के निर्णायक प्रवीन पटेल ने गर्व से घोषणा की कि कुल 2,50,946 प्रतिज्ञाएँ प्राप्त हुईं, जबकि उनका निर्धारित लक्ष्य मात्र 5,000 का था। यह दर्शाता है कि भारत में जिम्मेदार एआई को लेकर जागरूकता और प्रतिबद्धता किस हद तक गहरी है।
जिम्मेदार AI की शपथ: पीएम मोदी की दूरदृष्टि
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस ऐतिहासिक पहल पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्कूलों और कॉलेजों तक पहुँचकर जिम्मेदार एआई उपयोग की शपथ का यह व्यापक अभियान प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का प्रत्यक्ष परिणाम है। उनके अनुसार, यह अभूतपूर्व पहल स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि भारत केवल तकनीकी प्रगति में ही अग्रणी नहीं है, बल्कि वह नैतिक और जिम्मेदार उपयोग पर भी समान रूप से जोर दे रहा है। यह हमारे भविष्य की तकनीकी दिशा का एक महत्वपूर्ण पहलू है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



