

Muzaffarpur News: जिंदगी की लय सिखाने वाले गुरु की सांसों की डोर ही टूट गई। मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक डांस शिक्षक का शव रहस्यमय परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला।
Muzaffarpur News: बच्चों ने देखा खौफनाक मंजर
मामला साहेबगंज थाना क्षेत्र के बैद्यनाथपुर हाई स्कूल रोड स्थित एक निजी बिल्डिंग का है। यहां बुधवार की रात उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बच्चों ने अपने शिक्षक का शव फंदे से लटका देखा। मृतक की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के बीजाधारी थाना क्षेत्र के जागीरहा निवासी शिवशंकर प्रसाद के 40 वर्षीय पुत्र दिलीप कुमार के रूप में हुई है। दिलीप कुमार पिछले तीन वर्षों से इसी बिल्डिंग में डांस और फिटनेस क्लास चलाकर अपनी आजीविका चलाते थे।
घटना के दिन शाम को जब कुछ बच्चे अपनी रूटीन डांस क्लास के लिए पहुंचे, तो उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद पाया। बच्चों ने अपने शिक्षक को कई बार फोन किया, लेकिन हर बार घंटी कमरे के अंदर से ही बजती रही। जब कोई जवाब नहीं मिला तो बच्चों ने अनहोनी की आशंका में खिड़की से अंदर झांकने की कोशिश की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अंदर का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। उनका प्रिय डांस टीचर पंखे से गमछे के सहारे लटका हुआ था। यह देखते ही बच्चों ने चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के लोग इकट्ठा हो गए।
पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला
बच्चों के शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत साहेबगंज थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों को घटना की जानकारी दी। परिजनों के आने के बाद, पुलिस ने उनकी मौजूदगी में बंद दरवाजे को तोड़ा और शव को नीचे उतारा। दिलीप कुमार न केवल डांस सिखाते थे, बल्कि बच्चों को ट्यूशन भी पढ़ाते थे, जिस वजह से वह इलाके में काफी लोकप्रिय थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उनकी मौत की खबर से हर कोई स्तब्ध है।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल) भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। फिलहाल, पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मानकर जांच कर रही है, लेकिन अन्य पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है। दिलीप कुमार के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि हमेशा खुश रहने वाला दिलीप ऐसा कदम उठा सकता है।



