

Artificial Intelligence: भविष्य के द्वार पर खड़ी मानवता के लिए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक दोधारी तलवार की तरह है। यह नवाचार की ऊंचाइयों तक ले जा सकता है, या अनियंत्रित होकर अनपेक्षित परिणाम दे सकता है। इसी सोच के साथ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसे एआई विज़न की रूपरेखा प्रस्तुत की है जो तकनीक को मानवीय मूल्यों से जोड़ता है।
पीएम मोदी ने दिया ‘मानव’ AI विजन: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कैसे बनेगा सबका भविष्य?
नई दिल्ली में आयोजित एक वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के समाज पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर एक “मानव विजन” सामने रखा। इस विज़न का मूल मंत्र है कि AI का विकास मानव-केंद्रित हो, ताकि यह मानवता के लिए कल्याणकारी बन सके।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस: पीएम मोदी का ‘मानव’ विजन
उनके भाषण के अनुसार, ‘मानव’ शब्द का अर्थ इन पाँच प्रमुख सिद्धांतों से है:
- M: नैतिक और आचार प्रणाली (Moral and Ethical System)
- A: जवाबदेह शासन (Accountable Governance)
- N: राष्ट्रीय संप्रभुता (National Sovereignty)
- A: सुलभ और समावेशी (Accessible and Inclusive)
- V: वैध और न्यायसंगत (Valid and Equitable)
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प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सभी के लिए सुलभ होनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘हमें AI का लोकतंत्रीकरण करना होगा। इसे समावेशन और सशक्तिकरण का माध्यम बनना चाहिए, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के लिए।’ यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि AI तकनीक के लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह पाँच दिवसीय शिखर सम्मेलन 16 से 20 फरवरी तक आयोजित किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक चुनौतियों का समाधान करने और साझा विकास के नए रास्ते खोलने के लिए AI का उपयोग करना है। इस आयोजन के तीन प्रमुख स्तंभ या ‘सूत्र’ हैं: लोग (People), ग्रह (Planet) और प्रगति (Progress)। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
वैश्विक मंच पर भारत की एआई दृष्टि
भारत लगातार एक ऐसे भविष्य की कल्पना कर रहा है जहाँ तकनीक मानवीय गरिमा और सशक्तिकरण को बढ़ावा दे। प्रधानमंत्री का यह ‘मानव’ विजन वैश्विक स्तर पर एआई के नैतिक और समावेशी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप प्रस्तुत करता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि AI तकनीक किसी एक वर्ग तक सीमित न रहे बल्कि सभी के लिए फायदेमंद हो।



