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फ़रवरी, 19, 2026
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विवादों के बीच ‘पैराम’ की दहाड़: भारतीय Robot Dog ने चीन को पछाड़ा?

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Robot Dog: गल्गोटियास यूनिवर्सिटी में AI Impact Summit 2026 के दौरान एक रीब्रांडेड चीनी रोबोट डॉग की प्रस्तुति पर उठा विवाद अब थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर भारतीय नवाचार की कमी को लेकर तीखी बहस छेड़ दी, जिसके बाद भारतीय स्टार्टअप जनरल ऑटोनॉमी (General Autonomy) ने अपने देसी रोबोट डॉग ‘Param’ को पेश कर एक साहसिक जवाब दिया है। यह कदम न केवल विवादों को शांत करने वाला है, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा संकेत भी है।

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विवादों के बीच ‘पैराम’ की दहाड़: भारतीय Robot Dog ने चीन को पछाड़ा?

भारत का अपना Robot Dog: ‘पैराम’ की खासियतें

जनरल ऑटोनॉमी द्वारा विकसित ‘पैराम’ सिर्फ एक रोबोट डॉग नहीं, बल्कि यह भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता का प्रतीक है। कंपनी का दावा है कि ‘पैराम’ पूरी तरह से भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया है, जो विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह अत्याधुनिक AI तकनीक से लैस है, जिसे विभिन्न औद्योगिक और सुरक्षा उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यह रोबोट डॉग विशेष रूप से भारतीय परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसकी कार्यक्षमता और मजबूती इसे दुर्गम इलाकों में निगरानी, आपदा प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बहुपयोगी बनाती है। भारतीय स्टार्टअप्स की यह पहल दिखाती है कि देश में AI और रोबोटिक्स के क्षेत्र में कितनी संभावनाएं मौजूद हैं।

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भारत में रोबोटिक्स का भविष्य और आत्मनिर्भरता

‘पैराम’ जैसे उत्पादों का विकास भारत को वैश्विक रोबोटिक्स बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकता है। यह भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की प्रतिभा का प्रमाण है, जो जटिल तकनीकी चुनौतियों का सामना करने और स्वदेशी समाधान विकसित करने में सक्षम हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इससे न केवल रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। यह आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी बल देता है, जहां हम न केवल अपने लिए, बल्कि दुनिया के लिए भी तकनीकी समाधान तैयार कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करेगा कि भारत भविष्य की तकनीकी दौड़ में पीछे न रहे और अपनी नवोन्मेषी शक्ति से विश्व में अपनी पहचान बनाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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