

Stock Market: सिगरेट बनाने वाली प्रमुख कंपनी गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के शेयरों ने हाल ही में बाजार में हलचल मचा दी है। पिछले तीन दिनों में 31 प्रतिशत से अधिक की शानदार उछाल के साथ, यह कंपनी निवेशकों के लिए एक आकर्षक दांव बन गई है। क्या है इस तेजी के पीछे का राज और कैसे तम्बाकू उत्पादों पर बढ़ी हुई एक्साइज ड्यूटी ने इस शेयर को नई उड़ान दी है, आइए जानते हैं।
# गॉडफ्रे फिलिप्स के शेयरों में बंपर उछाल: क्या निवेशक कमा पाएंगे Stock Market से मुनाफा?
## तम्बाकू शेयरों पर Stock Market की निगाहें: कीमतें बढ़ने से कंपनियों को फायदा?
गुरुवार के कारोबार में गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया लिमिटेड के शेयर 6 प्रतिशत से अधिक चढ़ गए, जिससे इसकी तीन दिन की कुल बढ़त 31 प्रतिशत तक पहुंच गई। सुबह 10.28 बजे, बीएसई पर कंपनी के शेयर 1.79 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2524.10 रुपये पर कारोबार कर रहे थे, हालांकि एक समय यह 6.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 2635.15 रुपये के उच्च स्तर पर भी पहुंचा था। इस जबरदस्त तेजी के पीछे एक बड़ा कारण है – तम्बाकू उत्पादों पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगाने का फैसला, जिसके परिणामस्वरूप सिगरेट की कीमतों में वृद्धि हुई है। यह खबर आने के बाद से ही निवेशकों में इस शेयर को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर का कहना है कि प्राइसिंग एडजस्टमेंट लागू होने के बाद सिगरेट निर्माताओं के लिए शॉर्ट-टर्म मार्जिन दबाव अब अधिक मैनेजेबल प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि दिसंबर तिमाही के नतीजे दर्शाते हैं कि पहले की कमजोरी मुख्य रूप से टैक्स-ड्रिवेन थी, न कि मांग में किसी संरचनात्मक गिरावट के कारण।
## सिगरेट कंपनियों की मजबूत प्राइसिंग पावर और बाजार पर असर
यह सच है कि खुदरा कीमतों में वृद्धि से कुछ समय के लिए बिक्री की मात्रा पर असर पड़ सकता है, लेकिन सिगरेट कंपनियों ने ऐतिहासिक रूप से मजबूत प्राइसिंग पावर दिखाई है। वे उच्च टैक्स प्रणाली में भी अपनी लाभप्रदता को सफलतापूर्वक बनाए रखने में कामयाब रही हैं। इसी वजह से, हालिया वैल्यूएशन करेक्शन निवेशकों के लिए एक खास अवसर प्रस्तुत कर सकता है, खासकर उन कंपनियों के लिए जो कैलिब्रेटेड प्राइस एक्शन के माध्यम से मार्जिन और कमाई को बनाए रख सकती हैं। यह ट्रेंड बड़े Nifty पर भले ही तुरंत असर न दिखाए, लेकिन सेक्टर-विशेष स्टॉक्स के लिए महत्वपूर्ण है।
सरकार ने 1 फरवरी, 2026 से सिगरेट टैक्स में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की घोषणा की है। बदले हुए ढांचे के तहत, पान मसाला, गुटखा, सिगरेट, बीड़ी, कच्चा और सुगंधित तम्बाकू जैसे ‘सिन गुड्स’ पर जीएसटी को 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके बाद एक्साइज ड्यूटी में भी वृद्धि की गई, जिससे प्रति सिगरेट की कीमत में लगभग 2 रुपये से 11 रुपये तक का इजाफा हुआ है। यह बढ़ोतरी कंपनियों को बढ़ी हुई लागत को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर देती है, जिससे उनके राजस्व और मुनाफे पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस फैसले से जहाँ एक ओर सरकार को राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर तम्बाकू उत्पाद बनाने वाली कंपनियों को भी अपनी प्राइसिंग पावर का उपयोग करके उच्च मार्जिन बनाए रखने का मौका मिला है। इस तरह के नियामक बदलाव अक्सर शेयर बाजार में संबंधित कंपनियों के प्रदर्शन पर सीधा असर डालते हैं और गॉडफ्रे फिलिप्स का हालिया प्रदर्शन इसी बात का प्रमाण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


