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फ़रवरी, 19, 2026
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ऊंची आय वाले पेशेवरों पर सख्त हुआ आयकर विभाग: क्यों मिल रहे हैं Income Tax नोटिस?

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Income Tax: भारत में ऊंची आय वाले पेशेवरों पर आयकर विभाग की पैनी नज़र अब और तेज़ हो गई है। मल्टीनेशनल कंपनियों और स्टार्टअप्स के वरिष्ठ अधिकारियों, जिनकी सालाना आय 50 लाख रुपये से अधिक है, वे विभाग के रडार पर हैं। इन अधिकारियों पर टैक्स बचाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दावे या गलत जानकारी देने का आरोप है। सूत्रों के मुताबिक, नोटिस पाने वालों में बड़ी कंपनियों के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO), मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। विभाग ने किसी भी कठोर कानूनी कार्रवाई से पहले उन्हें अपने आयकर रिटर्न (ITR) में पाई गई विसंगतियों को सुधारने का अवसर दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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आयकर विभाग की Income Tax नोटिस भेजने की प्रमुख वजहें

आयकर विभाग उन मामलों की गहराई से जांच कर रहा है जहां करदाताओं ने कर लाभ के लिए गलत जानकारियां प्रस्तुत की हैं। प्रमुख रूप से इन कारणों से नोटिस भेजे जा रहे हैं:

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  • विदेशी आय को छिपाया गया है।
  • हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया है।
  • चैरिटेबल संस्थाओं या शैक्षणिक संस्थानों को फर्जी दान दिखाकर अनावश्यक टैक्स छूट ली गई है।
  • महंगी संपत्तियों की खरीद में आय का सही स्रोत नहीं बताया गया है।
  • विदेशी क्लाइंट्स से क्रिप्टोकरेंसी के जरिए फंड प्राप्त हुए, लेकिन उन्हें सही तरीके से घोषित नहीं किया गया।
  • ऐसे राजनीतिक दलों को दान दिखाया गया, जो मान्यता प्राप्त नहीं हैं या चुनाव में हिस्सा नहीं लेते हैं।
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एफएमसीजी, हॉस्पिटैलिटी, आईटी, ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग-कंस्ट्रक्शन जैसे क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से जांच के दायरे में हैं।

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डिजिटल निगरानी और सख्त अनुपालन का दौर

हाल के वर्षों में, ऊंची आय वाले करदाताओं के ITR की डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स से गहन जांच की जा रही है। डिजिटल लेनदेन, विदेशी संपत्ति और क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन के डेटा मिलान से विसंगतियां अब आसानी से पकड़ में आ रही हैं। आयकर विभाग का संदेश स्पष्ट है कि यदि रिटर्न में कोई गलती या गलत दावा किया गया है, तो उसे स्वेच्छा से सुधार लें। अन्यथा, पेनल्टी, ब्याज और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्रवाई उच्च आय वर्ग में टैक्स अनुपालन सुनिश्चित करने और फर्जी दावों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक सख्त कदम मानी जा रही है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। विभाग इस बात पर जोर दे रहा है कि पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कर चुकाना देश के आर्थिक विकास के लिए आवश्यक है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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