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फ़रवरी, 19, 2026
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AI Technology के इस गंभीर बग ने बजाई डेटा सुरक्षा की घंटी: माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट में मिली बड़ी खामी

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AI Technology: हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट में एक गंभीर सुरक्षा खामी सामने आई, जिसने कॉर्पोरेट जगत में डेटा सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएँ बढ़ा दी हैं। यह बग इतना खतरनाक था कि इसने आउटलुक के गोपनीय ईमेल को भी बिना किसी अनुमति के पढ़ लिया और उनकी संक्षिप्त जानकारी तैयार कर दी, जो सीधे तौर पर डेटा लॉस प्रिवेंशन (DLP) नीतियों का उल्लंघन था।

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AI Technology के इस गंभीर बग ने बजाई डेटा सुरक्षा की घंटी: माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट में मिली बड़ी खामी

AI Technology और सुरक्षा चुनौतियाँ

इस नई रिपोर्ट के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल कोपायलट में मौजूद इस खामी ने कंपनी की आंतरिक सुरक्षा प्रणालियों पर सवाल खड़े कर दिए थे। यह बग विशेष रूप से उन संवेदनशील ईमेल तक पहुँचने में सक्षम था जिन्हें संगठन की डेटा लॉस प्रिवेंशन (DLP) नीतियां सार्वजनिक होने से रोकती हैं। इस घटना ने यह उजागर किया कि कैसे नए-नए AI उपकरण अप्रत्याशित सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकते हैं, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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यह खामी तब और गंभीर हो जाती है जब हम समझते हैं कि कॉर्पोरेट वातावरण में कर्मचारियों के ईमेल में कितनी संवेदनशील और गोपनीय जानकारी होती है। इस बग ने बिना किसी अधिकृत पहुँच के, इन गोपनीय संचारों की समरी बनाने की अनुमति दी, जिससे महत्वपूर्ण व्यावसायिक रहस्यों या व्यक्तिगत डेटा के अनाधिकृत प्रकटीकरण का खतरा पैदा हो गया था।

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गोपनीय डेटा के उल्लंघन का खतरा

माइक्रोसॉफ्ट ने इस बग की पहचान होते ही तुरंत कार्रवाई की और इसे ठीक करने के लिए एक आवश्यक अपडेट जारी किया। कंपनी ने पुष्टि की है कि अब यह खामी दूर कर दी गई है और कोपायलट अब डेटा लॉस प्रिवेंशन नीतियों का ठीक से पालन करेगा। यह सुधार संगठनों के लिए बड़ी राहत की बात है जो अपने संवेदनशील डेटा की सुरक्षा के लिए AI उपकरणों पर निर्भर करते हैं।

यह घटना उन कंपनियों के लिए एक सबक है जो अपने वर्कफ़्लो में AI को एकीकृत कर रही हैं। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि AI सिस्टम सुरक्षा प्रोटोकॉल और डेटा गोपनीयता मानकों का कड़ाई से पालन करें। डेटा प्राइवेसी आज के डिजिटल युग में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, और ऐसी खामियां विश्वास को कमजोर कर सकती हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

विशेषज्ञ मानते हैं कि AI के तेजी से विकास के साथ, सुरक्षा ऑडिट और बग बाउंटी कार्यक्रमों को और मजबूत करने की आवश्यकता है। यह न केवल उपयोगकर्ताओं के डेटा को सुरक्षित रखेगा बल्कि AI प्रौद्योगिकी के प्रति जनता के विश्वास को भी बनाए रखेगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

इस मामले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि AI-पावर्ड टूल्स को लागू करते समय कंपनियों को कितनी सावधानी बरतनी चाहिए। सख्त निगरानी और नियमित सुरक्षा अपडेट ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में मदद कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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