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फ़रवरी, 19, 2026
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भारत की बढ़ती Cash Economy: क्यों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची Currency in Circulation?

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Currency in Circulation: क्या भारत की जनता एक बार फिर कर के डर से नकदी की ओर लौट रही है? यह सवाल भारतीय अर्थव्यवस्था के गलियारों में तेजी से गूंज रहा है, खासकर जब हालिया आंकड़े नकदी के उपयोग में अप्रत्याशित वृद्धि का संकेत दे रहे हैं।

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भारत की बढ़ती Cash Economy: क्यों रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची Currency in Circulation?

रिकॉर्ड स्तर पर Currency in Circulation: आंकड़े क्या कहते हैं?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 तक देश में Currency in Circulation (CIC) 40 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर को पार कर चुका है। यह एक चौंकाने वाला आंकड़ा है, जिसमें से लगभग 39 लाख करोड़ रुपये, यानी कुल नकदी का 97.6%, सीधे आम जनता के हाथों में है। पिछले साल की तुलना में यह 11.1% की तेज बढ़ोतरी दर्शाता है, जो अर्थव्यवस्था में नकदी के बढ़ते प्रभुत्व की ओर इशारा करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह वृद्धि तब और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब सरकार और नियामक डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं।

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कर और कम ब्याज दरें: क्या हैं नकदी बढ़ने के कारण?

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस उछाल के पीछे कई कारण हो सकते हैं। रिपोर्ट बताती है कि वस्तु एवं सेवा कर (GST) नोटिसों में वृद्धि और कुछ राज्यों में UPI लेनदेन पर बढ़ी हुई निगरानी के बाद छोटे व्यापारी नकदी को अधिक प्राथमिकता दे रहे हैं। कर की जटिलताओं और संभावित जांच के डर से कई लोग अब नकदी में लेनदेन को एक सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। इसके साथ ही, बैंकों में जमा वृद्धि दर सुस्त है और बचत खातों पर कम ब्याज दरें भी लोगों को अपनी पूंजी को नकदी के रूप में रखने के लिए प्रेरित कर रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। डिजिटल इंडिया के स्वप्न के बीच नकदी की यह वापसी एक विरोधाभास प्रस्तुत करती है।

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यह भी पढ़ें:  भारतीय अर्थव्यवस्था: जानिए कौन से राज्य हैं देश के सबसे अमीर और सबसे गरीब!

हालांकि, नकदी-से-जीडीपी (Cash-to-GDP) का अनुपात अभी भी 11% पर स्थिर है। वहीं, UPI लेनदेन लगातार मजबूत बने हुए हैं और देश में डिजिटल भुगतान क्रांति को आगे बढ़ा रहे हैं। फिर भी, यह महत्वपूर्ण है कि नीति-निर्माता इस बढ़ती नकदी अर्थव्यवस्था के निहितार्थों को समझें और उन कारणों का समाधान करें जो लोगों को डिजिटल से नकदी की ओर धकेल रहे हैं। यह प्रवृत्ति भारत की आर्थिक वृद्धि और वित्तीय पारदर्शिता दोनों के लिए चुनौतियां खड़ी कर सकती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/business/। इस पूरे परिदृश्य पर गहराई से नज़र रखने की ज़रूरत है, खासकर जब अर्थव्यवस्था बड़े बदलावों से गुजर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह की खबरें और विश्लेषण के लिए जुड़े रहें।

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