

Darbhanga News: न्याय का हथौड़ा जब चलता है तो बड़े-बड़े अपराधियों के मंसूबे धरे रह जाते हैं। दरभंगा में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां अदालत ने तीन अलग-अलग जघन्य हत्या के मामलों में आरोपियों को किसी भी तरह की राहत देने से साफ इनकार कर दिया है।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार पाण्डेय की अदालत ने जिले को दहला देने वाले तीन हत्याकांडों के आरोपियों की जमानत याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन फैसलों से पीड़ित परिवारों में न्याय की उम्मीद जगी है।
Darbhanga News: इन तीन मामलों में कोर्ट ने सुनाया कड़ा फैसला
न्यायालय ने जिन तीन अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं खारिज की हैं, उन पर बेहद गंभीर और क्रूरतम तरीके से हत्या को अंजाम देने का आरोप है। दरभंगा सिविल कोर्ट में सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए यह महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। तीनों मामले इस प्रकार हैं:
- बच्चे की निर्मम हत्या: पहला मामला बहादुरपुर थानाकांड संख्या 425/25 से जुड़ा है। इसमें हरिपट्टी निवासी संजय शर्मा पर एक बच्चे की बेरहमी से हत्या करने का आरोप है। अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
- शराब में जहर देकर हत्या: दूसरा मामला एपीएम थानाकांड संख्या 37/21 का है। इसमें छोटे सहनी नामक अभियुक्त पर शराब में जहर मिलाकर एक व्यक्ति की हत्या करने का आरोप है। कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
- गला काटकर किशोरी की हत्या: तीसरा मामला सकतपुर थानाकांड संख्या 94/25 का है, जिसमें राजीव कुमार मंडल पर एक लड़की की गला काटकर निर्मम हत्या करने का आरोप है। अदालत ने उसकी भी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
न्यायपालिका का कड़ा संदेश
एक के बाद एक तीन हत्या के आरोपियों की जमानत याचिकाओं का खारिज होना यह स्पष्ट करता है कि न्यायपालिका ऐसे गंभीर अपराधों को लेकर कितनी सख्त है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि इन अभियुक्तों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, जिसके आधार पर अभियोजन पक्ष ने जमानत का पुरजोर विरोध किया था। अदालत का यह निर्णय समाज में अपराधियों के बीच एक कड़ा संदेश भेजने का काम करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस तरह के फैसलों से न्याय व्यवस्था में आम जनता का विश्वास और भी मजबूत होता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। अदालत के इस रुख से स्पष्ट है कि जघन्य अपराध करने वालों को कानून से किसी भी तरह की रियायत नहीं मिलेगी।


