

Voter List Revision: लोकतंत्र की नींव, हमारे मत का अधिकार, जितनी पुख्ता होगी, इमारत उतनी ही बुलंद होगी। इसी आधारशिला को मजबूत करने के लिए, भारत निर्वाचन आयोग एक बार फिर कमर कस चुका है।
Voter List Revision: इन 23 राज्यों में जल्द शुरू होगा मतदाता सूची पुनरीक्षण, जानें पूरी प्रक्रिया
भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित देश के शेष 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अप्रैल माह से शुरू होने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों के लिए एक मजबूत नींव तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। निर्वाचन आयोग के सचिव पवन दीवान ने सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (सीईओ) को इस बाबत निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जोर दिया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के सुचारु संचालन को सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां जल्द से जल्द पूरी कर ली जाएं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मतदाता सूची पुनरीक्षण: क्या है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें मौजूदा मतदाता सूचियों की गहराई से समीक्षा की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि न हो और यह अद्यतन (updated) हो। इसमें नए योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ना, मृतक या स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नाम हटाना और अन्य किसी भी प्रकार की गलती को सुधारना शामिल है। यह प्रक्रिया चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता और सटीकता को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत निर्वाचन आयोग की यह पहल देश में एक सटीक मतदाता आधार सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है।
किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा पुनरीक्षण?
यह विशेष पुनरीक्षण अभियान निम्नलिखित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चलाया जाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में मतदाता सूची को पूरी तरह से अद्यतन किया जा सके:
* आंध्र प्रदेश
* अरुणाचल प्रदेश
* चंडीगढ़
* दादरा और नगर हवेली
* दमन और दीव
* हरयाणा
* हिमाचल प्रदेश
* जम्मू और कश्मीर
* झारखंड
* कर्नाटक
* लद्दाख
* महाराष्ट्र
* मणिपुर
* मेघालय
* मिजोरम
* नगालैंड
* राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली
* ओडिशा
* पंजाब
* सिक्किम
* त्रिपुरा
* तेलंगाना
* उत्तराखंड
इस अभियान का लक्ष्य हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार सुनिश्चित करना है, साथ ही उन नामों को हटाना है जो अब मतदाता सूची में शामिल नहीं होने चाहिए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। यह एक सतत प्रक्रिया है जो हमारे लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूती प्रदान करती है। प्रत्येक नागरिक का सहयोग इस प्रक्रिया को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

