

Bihar Agriculture: धरती का पेट भरने और किसानों के भाग्य को नया मोड़ देने की सरकारी कवायद अब बीजों की गुणवत्ता पर टिक गई है। राज्य सरकार बिहार में कृषि उत्पादन को नई दिशा देने के लिए अब बीज गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि खेती की सफलता का मूल आधार गुणवत्तायुक्त और शुद्ध बीज ही है, क्योंकि अन्य सभी कृषि निवेशों की प्रभावशीलता सीधे तौर पर बीज की गुणवत्ता पर निर्भर करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bihar Agriculture: गुणवत्ता नियंत्रण का नया संकल्प
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने हाल ही में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बीज गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसानों को मिलने वाले हर बीज की शुद्धता और उसकी अंकुरण क्षमता का विशेष ध्यान रखा जाए। उनका मानना है कि यदि बीज ही खराब होगा, तो लाख प्रयास के बावजूद अच्छी फसल उत्पादन की उम्मीद नहीं की जा सकती।
सरकार की यह पहल किसानों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है, जो अक्सर नकली या घटिया बीज के कारण अपनी मेहनत और निवेश को बर्बाद होते देखते हैं। कृषि विभाग द्वारा अब ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जिससे बीज वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाई जा सके और हर किसान तक विश्वसनीय बीज पहुंचे।
कृषि मंत्री का जोर
मंत्री यादव ने यह भी बताया कि सरकार बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने और उनकी क्षमता बढ़ाने पर काम कर रही है। इससे न केवल बीजों की गुणवत्ता जांच में तेजी आएगी, बल्कि अधिक नमूनों का परीक्षण भी संभव हो पाएगा। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य है कि बिहार में आने वाले समय में एक भी किसान खराब बीज के कारण नुकसान न उठाए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह कदम राज्य के कृषि क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखता है। बेहतर गुणवत्ता वाले बीज न केवल फसल उत्पादन को बढ़ाएंगे, बल्कि मिट्टी के स्वास्थ्य को भी बनाए रखने में मदद करेंगे। किसानों को सही बीज उपलब्ध होने से उनकी आय में भी वृद्धि होगी और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
सफल खेती की कुंजी
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे प्रमाणित स्रोतों से ही बीज खरीदें और किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तुरंत कृषि विभाग को सूचित करें। सरकार ने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने का फैसला किया है, जिस पर किसान अपनी समस्याओं को साझा कर सकेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक शिकायत पर त्वरित कार्रवाई हो। इस पहल से निश्चित रूप से बिहार के किसान एक नई ऊर्जा और उत्साह के साथ खेती कर पाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



