

Ramadan Sehri Iftar Timing: पवित्र रमजान का महीना इस्लामी कैलेंडर का नवां महीना है, जो आत्म-चिंतन, प्रार्थना, दान और उपवास का समय होता है। यह महीना मुस्लिम समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जिसमें वे रोज़े रखकर अल्लाह की इबादत करते हैं और संयम का पालन करते हैं।
रमजान सहरी इफ्तार टाइमिंग 2026: जानिए पवित्र महीने की शुरुआत और समाप्ति का समय
रमजान सहरी इफ्तार टाइमिंग: इबादत का महीना और सहरी-इफ्तार का महत्व
पवित्र रमजान माह की शुरुआत के साथ ही, विश्वभर के मुस्लिम समुदाय में एक विशेष ऊर्जा और रूहानियत का संचार होता है। पटना में भी इस पवित्र महीने का आगाज़ इबादत और अकीदत के साथ हुआ। मुस्लिम भाई-बहनों ने पूरे मान-सम्मान के साथ अपना पहला रोज़ा रखा और सुबह सहरी के बाद दिनभर भूखे-प्यासे रहकर सब्र व परहेजगारी का संदेश दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह माह त्याग, तपस्या और अल्लाह के प्रति समर्पण का प्रतीक है। रोज़ा सिर्फ खाने-पीने से परहेज करना ही नहीं, बल्कि अपनी इंद्रियों को नियंत्रण में रखकर गलत विचारों और कार्यों से दूर रहना भी है। रमजान के दौरान सहरी और इफ्तार का समय बहुत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इन्हीं समयों पर रोज़ेदार अपने रोज़े की शुरुआत और समाप्ति करते हैं।
रमजान 2026 सहरी और इफ्तार का समय (पटना के लिए अनुमानित)
| दिनांक | सहरी का समय (सुबह) | इफ्तार का समय (शाम) |
|---|---|---|
| 19 फरवरी 2026 | 05:15 AM | 06:05 PM |
| 20 फरवरी 2026 | 05:14 AM | 06:06 PM |
| 21 फरवरी 2026 | 05:13 AM | 06:07 PM |
| 22 फरवरी 2026 | 05:12 AM | 06:08 PM |
| … | … | … |
| 20 मार्च 2026 | 04:45 AM | 06:30 PM |
(यह तालिका पटना के लिए अनुमानित समय दर्शाती है। सटीक जानकारी के लिए स्थानीय कैलेंडर देखें।)
सहरी रोज़े की शुरुआत का भोजन है, जिसे फज्र की नमाज से पहले किया जाता है, ताकि दिनभर ऊर्जा बनी रहे। इफ्तार वह समय है जब सूरज डूबने के बाद रोज़ा खोला जाता है, जो आमतौर पर खजूर और पानी के साथ शुरू होता है, फिर अन्य व्यंजनों का सेवन किया जाता है। रमजान में अल्लाह की इबादत में लीन होकर दुआएं मांगी जाती हैं और नेक कार्य किए जाते हैं। इस दौरान गरीबों और ज़रूरतमंदों की मदद करना, दान देना और ज़कात अदा करना भी अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
निष्कर्ष और रोज़ेदारों के लिए उपाय
रमजान का महीना हमें धैर्य, आत्म-नियंत्रण और दूसरों के प्रति सहानुभूति सिखाता है। इस पवित्र महीने में हर रोज़ेदार को अधिक से अधिक क़ुरान पढ़ना चाहिए, अल्लाह का ज़िक्र करना चाहिए और नेकियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। यह महीना हमें अपनी रूह को पाक करने और अल्लाह के करीब लाने का अवसर देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रोज़ेदारों को सलाह दी जाती है कि वे सहरी और इफ्तार के समय पौष्टिक और संतुलित आहार लें ताकि शारीरिक ऊर्जा बनी रहे। पर्याप्त पानी पीना और हल्के व्यायाम भी फायदेमंद हो सकते हैं।
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