

आवेश आलम अररिया। India Nepal Border Meeting: दो देशों की सरहदें जब मिलती हैं, तो सिर्फ जमीन ही नहीं, चुनौतियां और अवसर भी साझा होते हैं। इसी साझा विरासत और चुनौतियों से निपटने के लिए भारत और नेपाल के अधिकारियों ने एक बार फिर हाथ मिलाया है, जिसकी गूंज अररिया से लेकर विराटनगर तक सुनाई दी।
पड़ोसी देश नेपाल के विराटनगर (मोरंग) में भारत-नेपाल बॉर्डर जिला समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और सीमा पर होने वाली गतिविधियों की समीक्षा करना था। बैठक में बिहार के अररिया जिले का प्रतिनिधित्व जिलाधिकारी विनोद दूहन, पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार और एसएसबी कमांडेंट समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
विराटनगर में हुई India Nepal Border Meeting, ये अधिकारी हुए शामिल
जानकारी के अनुसार, यह बैठक एक सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसमें सीमा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में दोनों पक्षों के अधिकारियों ने अपनी-अपनी बातें रखीं और सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए आपसी सहयोग पर जोर दिया। इस उच्चस्तरीय बैठक में अररिया के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी ने इसे और भी महत्वपूर्ण बना दिया, क्योंकि ये अधिकारी सीधे तौर पर सीमावर्ती क्षेत्र की प्रशासनिक और कानून-व्यवस्था के लिए जिम्मेदार हैं।
सूत्रों ने बताया कि बैठक के दौरान मुख्य रूप से सीमा पर होने वाले अपराध, तस्करी, जाली नोटों के कारोबार और अन्य अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की रणनीति पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों देशों के अधिकारियों ने प्रभावी सीमा सुरक्षा के लिए सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान पर सहमति व्यक्त की। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह निर्णय लिया गया कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत एक-दूसरे को सूचित किया जाएगा ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दोनों देशों के बीच समन्वय और सहयोग पर जोर
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत किया जाए। अधिकारियों ने माना कि आपसी समन्वय और विश्वास से ही सीमा पर शांति और स्थिरता सुनिश्चित की जा सकती है। बैठक में शामिल अधिकारियों ने भविष्य में भी इस तरह की समन्वय बैठकों को नियमित रूप से आयोजित करने का निर्णय लिया ताकि चुनौतियों का मिलकर सामना किया जा सके। इस बैठक को सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले दोनों देशों के नागरिकों के हित में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, क्योंकि बेहतर समन्वय से न केवल अपराध नियंत्रण होगा, बल्कि व्यापार और आपसी आवागमन भी सुगम बनेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


