

आवेश आलम अररिया। Araria News: ज्ञान की लौ जब जलती है, तो स्वास्थ्य सेवाओं का अंधेरा छंट जाता है। इसी ध्येय के साथ अररिया में स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत करने तथा सरकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है।
Araria News: बुनियाद केंद्र में CHO को मिला गुरुमंत्र
अररिया सदर स्थित बुनियाद केंद्र के सभागार में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिला स्वास्थ्य समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) ने हिस्सा लिया, जिन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम कड़ी माना जाता है। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बुनियाद केंद्र के माध्यम से वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को प्रदान की जा रही विभिन्न सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी सेवाओं की विस्तृत जानकारी देना था। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) श्री नवीन कुमार नवीन, डीपीएम (CSC) श्री रविन्द्र कुमार एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (स्वास्थ्य) श्री राकेश कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि CHOs स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ हैं और उनकी सक्रिय भागीदारी के बिना योजनाओं को धरातल पर उतारना संभव नहीं है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा स्वास्थ्य लाभ
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि कैसे स्वास्थ्य तंत्र का उपयोग करते हुए इन सेवाओं को अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचाया जा सकता है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी सीधे तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों से जुड़े होते हैं, इसलिए वे आसानी से वास्तविक लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें बुनियाद केंद्र की योजनाओं से जोड़ सकते हैं। बिहार का स्वास्थ्य विभाग लगातार इस प्रयास में है कि कोई भी जरूरतमंद सरकारी मदद से वंचित न रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस प्रशिक्षण के माध्यम से CHOs को उन सभी प्रक्रियाओं और योजनाओं की बारीकियों से अवगत कराया गया, जो वृद्धों, विधवाओं और दिव्यांगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कार्यशाला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के कौशल विकास और उन्हें सामाजिक सरोकार से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से आने वाले दिनों में अररिया जिले में स्वास्थ्य एवं सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।


